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मरे हुए पिता को जिंदा करने के लिए रचा तंत्र-मंत्र, पहले अस्पताल से चुराया बच्चा, फिर... पढ़िए पूरी साजिश

 Published : Nov 12, 2022 11:46 pm IST,  Updated : Nov 13, 2022 12:07 am IST

एक महिला ने अपने मृत पिता को फिर से जिंदा करने के लिए दो महीने के बच्चे को बलि देने वाली थी। ये मामला दिल्ली का है। इस मामले का पुलिस ने खुलासा किया है।

मानव बलि - India TV Hindi
मानव बलि Image Source : SOCIAL MEDIA

दिल्ली पुलिस ने एक अजीबो-गरीब मामले का खुलासा किया है। एक महिला ने अपने मरे हुए पिता को जिंदा करने के लिए दो महीने के बच्चे का अपहरण किया था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि महिला दिल्ली के मुबारकपुर निवासी है। आरोपी का नाम श्वेता के रुप में हुई है। महिला ने गुरुवार की शाम चार बजे के करीब अमर कॉलोनी थाने से जानकारी मिली कि एक अज्ञात महिला ने नवजात का अपहरण कर लिया है।  

महिला ने बनाया ऐसे प्लान

पुलिस उपायुक्त ने बताया, जांच के दौरान पाया गया कि शिशु के परिवार के सदस्यों ने सफदरजंग अस्पताल में एक महिला से मुलाकात की थी, जिसने खुद को बच्चे की देखभाल के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन की सदस्य के रूप में पेश किया था। अधिकारी ने कहा, "उसने मां और बच्चे के लिए मुफ्त दवा और परामर्श देने का वादा किया। वह शिशु की जांच के बहाने उनके घर भी गई। गुरुवार को महिला दूसरी बार उनके घर आई और बच्चे की मां से पूछा कि क्या वह बच्चे को कुछ देर के लिए बाहर ले जा सकती है।

आगे क्या हुआ?
शिशु की मां ने अपनी 21 वर्षीय भतीजी रितु को महिला के साथ जाने के लिए कहा।" अधिकारी ने आगे कहा कि महिला फिर बच्चे और रितु को अपनी कार में घुमाने के लिए ले गई। कुछ देर बाद, महिला ने रितु को कोल्ड ड्रिंक पिलाई, जिसे पीने के बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद महिला ने रितु को गाजियाबाद में छोड़ दिया, जिसने होश में आने के बाद अपने परिवार को बताया कि बच्चे का अपहरण कर लिया गया है। इसके बाद पीसीआर कॉल की गई।

बच्चे को कर लिया गया बरामद
पांडेय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद अपहर्ता की गाड़ी का पता लगा लिया गया और उसका पता तथा अन्य जानकारियां हासिल की गईं। इसके बाद पुलिस ने उस स्थान पर छापेमारी की, लेकिन वहां महिला नहीं मिली। डीसीपी ने कहा, जानकारी मिली थी कि वह कोटला मुबारकपुर में आर्य समाज मंदिर के पास आएगी, जिसके बाद एक पुलिस टीम ने उस स्थान पर छापा मारा और श्वेता को पकड़ लिया। शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 

महिला ने किया खुलासा
पूछताछ में श्वेता ने खुलासा किया कि उनके पिता की पिछले महीने मौत हो गई थी। अधिकारी ने कहा कि उसका अंतिम संस्कार करते समय उसे पता चला कि एक ही लिंग के शिशु का मानव बलिदान उसके पिता को पुनर्जीवित कर सकता है और उसे वापस जीवन में ला सकता है। डीसीपी ने कहा, इस अंधविश्वास को अंजाम देने के लिए उसने इलाके में एक नवजात लड़के की तलाश शुरू की। इसके लिए वह सफदरजंग अस्पताल के प्रसूता वार्ड में गई और खुद को बच्चे की देखभाल के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन की सदस्य के रूप में पेश किया।

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