1. Hindi News
  2. एजुकेशन
  3. आम बजट में 15,552 आदर्श विद्यालय बनाने को 4684 करोड़ आवंटित: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक'

आम बजट में 15,552 आदर्श विद्यालय बनाने को 4684 करोड़ आवंटित: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक'

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 01, 2021 05:00 pm IST,  Updated : Feb 01, 2021 05:00 pm IST

केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को कहा कि देश में नए अविष्कारों को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन को मजबूत किया जाएगा।

ramesh pokhriyal nishank- India TV Hindi
ramesh pokhriyal nishank Image Source : GOOGLE

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को कहा कि देश में नए अविष्कारों को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन को मजबूत किया जाएगा। इस फाउंडेशन के लिए बजट में 50 हजार करोड़ रुपये आवंटन किए जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही केंद्रीय बजट में 15000 आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा भी की गई है।

उन्होंने बताया कि देशभर में व्यापक स्तर पर आदर्श शिक्षा विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। आदर्श विद्यालय योजना का उद्देश्य प्रत्येक ब्लॉक में एक प्राथमिक और एक प्रारंभिक विद्यालय और प्रत्येक जिले में एक माध्यमिक और एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तैयार करना होगा। यह एक सुरक्षित शिक्षा का वातावरण है, जहां शिक्षा के अनुभवों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश की जाती है। यहां शिक्षा के लिए अनुकूल, अच्छे बुनियादी ढांचे और उपयुक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।

निशंक ने कहा कि कुल 15552 विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा। इन्हें 4684 करोड़ रुपये (राज्य के हिस्से का समावेश) की अतिरिक्त धनराशि, समग्र शिक्षा योजना के एक घटक के रूप में दी जाएगी।केंद्रीय बजट में शिक्षा के महत्व को ध्यान रखते हुए आदिवासी क्षेत्रों में भी शिक्षा के व्यापक इंतजाम करने की बात कही गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा, "आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 750 एकलव्य विद्यालयों की स्थापना और लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना से देश का शिक्षातंत्र मजबूत होगा। एनजीओ और निजी स्कूलों के साथ मिलकर 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाने का भी प्रस्ताव किया गया है।"

केंद्रीय मंत्री ने आईएएनएस को बताया कि इस बजट में प्रति ब्लॉक एक प्राथमिक और एक प्रारंभिक विद्यालय यानी कुल 7047 प्राथमिक और 7047 प्रारंभिक विद्यालय प्रस्तावित हैं। एक माध्यमिक और एक उच्च माध्यमिक प्रति जिला, यानी 729 माध्यमिक और 729 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानदंडों के आधार पर चुने जाएंगे। इन्हें पर्याप्त बुनियादी ढांचे और पूर्व-प्राथमिक स्तर पर बालवाटिका सहित गुणवत्ता के हस्तक्षेप, शिक्षकों की क्षमता निर्माण, शिक्षण सामग्री, आईसीटी और स्मार्ट कक्षा की सुविधाएं के लिए विशिष्ट वित्त पोषण किया जाएगा।

इसके अलावा नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एनआरएफ) के लिए प्रस्तावित 50 हजार करोड़ रुपये के आवंटन पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, "एक बड़ी और जीवंत अर्थव्यवस्था को विकसित करने तथा बनाए रखने में ज्ञान सृजन एवं अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इससे न केवल समाज का उत्थान होता है, बल्कि राष्ट्र को सतत रूप से और भी अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने में प्रेरणा भी मिलती है।"

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के बजट ने एनआरएफ को महत्व दिया है, जिससे चिन्हित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ देश में समग्र अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना सुनिश्चित होगा।

निशंक ने कहा, "राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि से अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने, सभी के लिए सुलभ और सस्ती बनाने के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत आदर्श विद्यालय योजना, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने का प्रस्ताव है।"केंद्रीय शिक्षामंत्री ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट की प्रशंसा करते हुए कहा, "यह बजट पूरे देश के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके प्रावधान देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। एजुकेशन से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।