ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन 2026 के दूसरे दिन की पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म हो गई है। बता दें कि JEE मेन की पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक थी और कुछ देर पहले ही परीक्षा पूरी हुई। वहीं दूसरी शिफ्ट की बात करें तो उसकी परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। कैंडिडेट्स की शुरुआती रिएक्शन के मुताबिक, फिजिक्स और मैथ्स का पेपर कठिन था, जबकि केमिस्ट्री का पेपर अपेक्षाकृत स्कोरिंग वाला था।
एक्सपर्ट्स ने भी परीक्षा का किया रिव्यू
आपने अभी ऊपर तो पढ़ ही लिया कि कैंडिडेट्स को कौन सा पेपर मुश्किल लगा और कौन सा आसान लगा। अब आपको एक्सपर्ट्स का रिव्यू बताते हैं। शिक्षा नेशन के CEO और फाउंडर सौरभ कुमार के मुताबिक JEE मेन की पहली शिफ्ट का पेपर कठिन था। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने किस विषय की परीक्षा के बारे में क्या कहा।
फिजिक्स
सौरभ कुमार ने बताया कि ज्यादातर उम्मीदवारों ने फिजिक्स के पेपर को कठिन बताया है। इस सेक्शन को लंबा और कॉन्सेप्ट के हिसाब से मुश्किल बताया गया, जिसमें ऐसे सवाल थे जिनके लिए कॉन्सेप्ट की गहरी समझ और सावधानीपूर्वक इस्तेमाल की जरूरत थी।
मैथ
उन्होंने मैथ्स को लेकर कहा कि गणित पेपर का सबसे चुनौतीपूर्ण सेक्शन बनकर उभरा। छात्रों को यह बहुत ज्यादा समय लेने वाला लगा। पेपर में कॉम्प्लेक्स कैलकुलेशन और ऐसे सवाल थे जो प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल का बड़े पैमाने पर टेस्ट करते थे।
केमिस्ट्री
वहीं रसायन विज्ञान यानी केमिस्ट्री को आसान और अपेक्षाकृत स्कोरिंग माना गया। ज्यादातर सवाल याददाश्त पर आधारित और सीधे-सादे थे। फिजिक्स और मैथ की तुलना में कम समय लगा।
ओसवाल बुक्स के CEO ने क्या कहा?
पहली शिफ्ट की परीक्षा खत्म होने के बाद ओसवाल बुक्स के CEO प्रशांत जैन ने भी रिव्यू किया है। उन्होंने कहा, 'आज के JEE मेन पेपर में शामिल हुए स्टूडेंट्स के फीडबैक के आधार पर ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल मीडियम था, जिसमें मैथमेटिक्स सबसे ज़्यादा टाइम लेने वाला सेक्शन था। फिजिक्स में कॉन्सेप्चुअल क्लैरिटी और एप्लीकेशन को टेस्ट लिया गया, जबकि केमिस्ट्री ज़्यादातर NCERT पर आधारित थी और तुलनात्मक रूप से आसान थी, जिससे यह सबसे ज़्यादा स्कोरिंग सेक्शन बन गया। पेपर में रटने के बजाय फंडामेंटल्स को समझने पर ज़्यादा ध्यान दिया गया था।'
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