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यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की नई तारीख आने के पहले उठी एक बड़ी मांग, सरकार से लगाई गई गुहार

 Published : Jul 04, 2024 11:31 am IST,  Updated : Jul 04, 2024 11:31 am IST

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती की नई परीक्षा तारीख का इंतजार से पहले शिक्षकों ने सरकार से एक मांग की है। ये मांग उन शिक्षकों ने की है जिनकी ड्यूटी पहले एग्जाम में लगाई गई थी।

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती- India TV Hindi
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती Image Source : FILE PHOTO

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को लेकर आज भी करीबन 43 लाख उम्मीदवार चिंतित हैं कि नई तारीख कब आएगी। इसी बीच खबर आ रही है कि सैंकड़ों की संख्या में स्कूल टीचरों ने सरकार से एक मांग की है। बता दें कि 17 और 18 फरवरी को 2-2 शिफ्ट में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा हुई थी, जिसे पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया। इसी परीक्षा में सैकड़ों परिषदीय शिक्षकों को निरीक्षक के रूप में विभिन्न केंद्रों पर ड्यूटी लगाई गई थी। 

इन टीचर्स की ड्यूटी जिला मुख्यालय से लगभग 60 से 80 किलोमीटर की दूरी वाले केंद्रों पर लगा दी गई थी। परीक्षा उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा तो रद्द कर दी लेकिन इन  शिक्षकों को 5 माह बीत जाने के बाद भी उनका मानदेय नहीं दिया गया है। अब ये शिक्षक अपने मानदेय की मांग कर रहे हैं। 

कब तक आएगी नई तारीख

उप्र पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए कई जिलों के परीक्षा केंद्रों को एसटीएफ ने अपनी जांच में क्लीन चिट दे दी है। अभी भी परीक्षा केंद्रों को लेकर सरकार में मंथन जारी है। गौरतलब है कि इस साल यूपी पुलिस में कांस्टेबल के 60,244 पदों पर भर्ती के लिए फरवरी में लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसमें 43 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था, लेकिन पेपर लीक होने बाद राज्य के मुख्यमंत्री योगी ने परीक्षा को रद्द कर दिया और 6 महीने में यह परीक्षा दोबारा कराने का आदेश दिया था। अभ्यर्थियों को परीक्षा की नई तारीख जारी होने का ब्रेसब्री से इंतजार है।

ये है नई व्यवस्था

जानकारी दे दें कि सरकार की नई नीति के अनुसार भर्ती परीक्षा कराने के लिए अब 4 एजेंसियों की अलग-अलग जिम्मेदारी होगी। उम्मीदवारों को अपने गृह मंडल के बाहर परीक्षा देना होगा। दिव्यांगों और महिलाओं को इससे छूट रहेगी। 4 लाख से अधिक परीक्षार्थी होने पर 2 चरणों में परीक्षा होगी। रिजल्ट बनाने में धांधली रोकने के लिए आयोग और बोर्ड में ही ओएमआर शीट की स्कैनिंग होगी।

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