
लेखक खगेश देव बर्मन ने कहा, एक बार दिल्ली आने वाले विमान में राजेश खन्ना और बर्मन एकसाथ सफर कर रहे थे। तभी राजेश ने उनसे कहा कि वह कुछ ऐसा गुनगुना दें कि उनकी बेचैनी शांत हो जाए। बर्मन ने अपने साथी यात्री को खुश करने के लिए यह अनुरोध स्वीकार कर लिया।
उन्होंने कहा, राजेश ने यह सुना तो उन्हें बहुत पसंद आया। उन्होंने अपने दोस्त और निर्माता-निर्देशक शक्ति सामंत से कटी पतंग में एक ऐसी स्थिति बनाने के लिए कहा ताकि हवा में बने बर्मन के इस गीत को उसमें डाला जा सके। इस तरह ये जो मुहब्बत है को कटी पतंग में डाल दिया गया और यह एक यादगार गीत बन गया।
आगे जाने इस गाने के फिल्मफेयर तक के सफर के बारे मेेें-