नई दिल्लीः बॉलीवुड बहुत से लोगों के लिए महज मनोरंजन का साधन न होकर और भी बहुत कुछ है। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों के लिए यह एक ऐसा स्रोत है जिसके माध्यम से वह अपनी कहानी और अपने विचार दुनिया के सामने बयां कर सकते है। किसी भी फिल्म को बनाना फिल्म से जुड़े सभी सदस्यों के लिए एक खास अनुभव होता है, किसी जादुई एहसास जैसा। अब वो फिल्म आगे चलकर क्या इतिहास बनाती है वो तो समय पर निर्भर करता है। इसकी उस फिल्म में काम कर रहे कलाकारों ने कल्पना भी नहीं की होती। भारतीय सिनेमा से जुड़ी ऐसी कई बाते है जिससे आप भी कभी रूबरू नहीं हुए होंगे। अगली स्लाईड से जानिए बॉलीवुड की कुछ चौका देने वाली बातें जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे- 1. श्रीदेवी ने मात्र 13 साल की उम्र में रजनीकांत की सौतेली मां का किरदार निभाया था। यह एक तमिल फिल्म थी जिसका नाम "मुंदरु मुदिचू" था। फिल्म में कमल हासन भी मुख्य भूमिका में थे। 2. फिल्म "गैंगस ऑफ वासेपुर" से चर्चा में आने वाले जीशान क्वादरी का जनम भी वासेपुर में ही हुआ था। जीशान ने अपनी रीयल लाइफ पर एक किताब लिखी थी जिसे बाद में उन्हेंने फिल्म के डायरेक्टर अनुराग कश्यप को बेच दिया था और उन्होंने इक पर गैंगस ऑफ वासेपुर फिल्म बनाई जिसमें "डेफिनेट" का किरदार खुद जीशान ने निभाया है। 3. लता मंगेशकर द्वारा गाया गया गीत "ऐ मालिक तेरे बंदे हम" पाकिस्तान के कुछ स्कूलों में राष्ट्रीय गान के रूप में अपनाया गया। 4. फिल्मों में आपने कई कलाकारों को सपना देखते हुए तो जरूर देखा होगा। लेकिन यह ड्रीम कॉन्सेपट सबसे पहले 1951 में रिलीज हुई फिल्म "आवारा" में दर्शाया गया था। जिसके बाद कई फिल्मो में इस कॉन्सेपट का इस्तेमाल किया जाने लगा। 5. वर्ष 1964 में आई फिल्म "यादें" के लिए अभिनेता सुनील दत्त का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था। इस फिल्म को सुनील दत्त ने अभिनय करने के अलावा इसे डायरेक्ट और प्रोडयूस भी किया था। यह फिल्म 311 मिनट लम्बी फिल्म थी। 6. 5 अगस्त 1960 में रिलीज हुई फिल्म "मुगल-ए-आजम" को 3 भाषाओं हिन्दी, तमिल और अंग्रेजी में बनाया गया था। हिन्दी भाषा में बनी इस फिल्म को लोगों ने खूब सराहा। लेकिन तमिल भाषा में लोगों ने इसे कुछ खास पसंद नहीं किया। इस प्रतिक्रिया को देखते हुए इसे अंग्रेजी में रिलीज ही नहीं किया गया। 7. अनिल कपूर ने जब अपने करियर की शुरूआत की थी उस समय वो राज कपूर के परिवार के साथ रहते थे। हालांकि मीडिया खबरों का ये भी कहना है कि वो और उनका परिवार उस समय राज कपूर के घर के गराज में रहते थे। 8. फिल्म "दो आंखे बारह हाथ" पहली ऐसी भारतीय फिल्म थी जिसने सैमुअल गोल्डविन श्रेणी के अंतर्गत गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीता था। 9. अभिनेता जगदीश राज ने हर फिल्म में एक जैसा किरदार निभाने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया है। उन्होंने 144 फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर का किरदार निभाया है। 10. फिल्म "गैंग्स ऑफ वासेपुर" बॉलीवुड की अब तक की सबसे लम्बी फिल्म साबित हुई है। यह 319 मिनट लम्बी फिल्म है और इसे दो भागों में बांटा गया है। 11. फिल्म "कहो न प्यार है" ने 92 अवार्ड जीतने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज किया है। इस फिल्म के लगभग हर किरदार को अवार्ड मिला था। 12. भगत सिंह को 23 मार्च 1931 में शाम 7:30 बजे फांसी दी गई थी। फिल्म "रंग दे बसंती" में जब यह सीन दर्शाया गया तब भी 7:30 बजे का ही समय था। यह वक्त फिल्म में "सू" का किरदार निभा रही अभिनेत्री के दादा जी की टूटी हुई घड़ी में भी दिखा। 13. फिल्म "स्वदेश" रियल लाइफ कपल अरविंद पिल्लालमारी और रवि कुचिमांची की जिंदगी पर बनी है। इस एनआरआई कपल ने भारत लौट कर गांव के बच्चों के लिए पैडल वाला जनरेटर बनाया था। फिल्म में इनका किरदार शाहरुख खान और गायत्री जोशी ने निभाया है। 14. फिल्म "पा" में अपने ही बेटे का बेटा बनने के लिए अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन ने अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया है। इस फिल्म में अमिताभ, अभिषेक बच्चन के बेटे बने है और वह एक औरो चाइल्ड की भूमिका में नजर आए। 15. फिल्म "आलम आरा" पहली फिचर फिल्म थी।