न्यूयॉर्क: उरी हमले के बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग पर नाखुशी जाहिर करते हुए बॉलीवुड की मशहूर ऐक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने कहा कि यह सही नहीं होगा कि कलाकारों को इसका दंश झेलना पड़े। पिछले महीने हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों को प्रतिबंधित करने की मांग बढ़ी है और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने सारे पाकिस्तानी कलाकारों को भारत छोड़ने की चेतावनी जारी कर दी थी। एमएनएस ने कहा था कि यदि ये कलाकार वापस अपने मुल्क नहीं जाएंगे तो इनको और इनको काम देने वालों को पीटा जाएगा।
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वहीं दूसरी तरफ बात करें तो इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स असोसिएशन (IMPPA) ने सीमा पार के कलाकारों को प्रतिबंधित करने को लेकर एक प्रस्ताव पारित कर दिया। असोसिएशन ने कहा है कि वह सिंगल स्क्रीन थिएटरों में पाकिस्तानी कलाकारों की सहभागिता वाली किसी भी फिल्म को प्रदर्शित नहीं करेंगे। इस मुद्दे पर प्रियंका ने कहा कि यह बेहद पेचीदा मामला है क्योंकि हमारे देश में हर बड़े राजनीतिक एजेंडे में सबसे पहले कलाकारों और अभिनेताओं को घसीट लिया जाता है। हम लोगों के साथ ही ऐसा क्यों होता है? अभिनेताओं, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के अलावा व्यापारियों, डॉक्टरों और राजनीतिग्यों एवं अन्य पेशे से जुड़े लोगों के साथ ऐसा क्यों नहीं होता?
प्रियंका ने कहा, ‘दूसरी बात यह है कि मैं बहुत अधिक देशभक्त हूं इसलिए देश को सुरक्षित रखने के लिए हमारी सरकार जो निर्णय करेगी मैं उसके साथ हूं। लेकिन साथ-ही-साथ मेरा मानना है कि कलाकार या ऐक्टर वैसे लोग नहीं है, जिन्होंने किसी का कुछ बिगाड़ा हो।’ पूर्व विश्व सुंदरी 34 वर्षीय ऐक्ट्रेस ने कहा कि असली अपराधियों से लड़ने के बजाय लोग ऐक्टर्स को क्यों निशाना बना रहे हैं।