2015 में रिलीज हुई 'दृश्यम' से शुरू हुआ विजय सालगांवकर का सफर अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंचने वाला है। अजय देवगन स्टारर इस फ्रेंचाइजी ने पिछले कुछ सालों में हिंदी दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। अब सीरीज की तीसरी फिल्म 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' रिलीज के लिए तैयार है। खास बात यह है कि इस बार कहानी मलयालम फ्रेंचाइजी की राह पर नहीं चलेगी। हिंदी 'दृश्यम 3' एक ओरिजिनल कहानी है और इसका मलयालम फिल्म 'दृश्यम 3' से सीधा कनेक्शन नहीं है। फिल्म के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने हाल ही में फ्रेंचाइजी के भविष्य और तीसरे पार्ट को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह इस कहानी को चौथी फिल्म तक ले जाने के पक्ष में नहीं हैं। उनके मुताबिक 'दृश्यम 3' विजय सालगांवकर की कहानी को उचित अंत देने के लिए लिखी गई है।
इस बार कहानी नहीं होगी रीमेक
'दृश्यम' और 'दृश्यम 2' दोनों ही मलयालम फिल्मों के आधिकारिक रीमेक थे। लेकिन तीसरे पार्ट के लिए मेकर्स ने अलग रास्ता चुना है। अभिषेक पाठक ने बताया कि 'दृश्यम 2' के रिलीज होने के बाद ही उन्होंने तय कर लिया था कि अगर तीसरा पार्ट बनाया जाएगा तो उसकी कहानी नई होगी। उनका मानना है कि किसी कहानी को दोबारा बनाने के बजाय खुद एक नई कहानी लिखना फिल्मकार के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। इसी वजह से करीब चार साल का वक्त फिल्म की तैयारी में लगा। इसमें लगभग दो साल सिर्फ कहानी लिखने में लगाए गए, ताकि दर्शकों को कुछ नया दिया जा सके।
सिर्फ कमाई के लिए नहीं बनाई फिल्म
'दृश्यम 2' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनियाभर में करीब 345 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जो पहले पार्ट की कमाई से काफी ज्यादा थी। ऐसे में फ्रेंचाइजी के तीसरे पार्ट को जल्दी लाने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन मेकर्स ने ऐसा नहीं किया। अभिषेक पाठक के मुताबिक 'दृश्यम' जैसी फिल्म सिर्फ कमाई को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जा सकती। इस फ्रेंचाइजी से दर्शकों की भावनाएं जुड़ी हैं और इसलिए तीसरे पार्ट को लेकर जल्दबाजी करने के बजाय कहानी पर लंबा काम किया गया। उनके मुताबिक फिल्म को आगे बढ़ाने का फैसला पूरी तरह रचनात्मक होना चाहिए, न कि सिर्फ व्यावसायिक।
दर्शकों की थ्योरी ने बढ़ाई चुनौती
पहली 'दृश्यम' के समय और आज के दर्शकों में काफी बदलाव आ चुका है। सोशल मीडिया के दौर में दर्शक फिल्मों की कहानी को लेकर खुद अनुमान लगाने लगे हैं। 'दृश्यम' जैसी मिस्ट्री फ्रेंचाइजी के लिए यह चुनौती और बड़ी हो जाती है, क्योंकि रिलीज से पहले ही फैंस संभावित ट्विस्ट और क्लाइमैक्स को लेकर अपनी-अपनी थ्योरी बनाने लगते हैं। अभिषेक पाठक ने भी माना कि आज दर्शक फिल्मकारों से कई कदम आगे की सोच रहे हैं। ऐसे में 'दृश्यम' जैसी फिल्म में नया ट्विस्ट तैयार करना आसान नहीं है। इस फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत उसकी कहानी, रहस्य और चौंकाने वाले मोड़ रहे हैं और तीसरे पार्ट में भी इन्हीं चीजों को ध्यान में रखा गया है।
'दृश्यम 4' पर डायरेक्टर का साफ जवाब
फिल्म के नाम में ही 'द कन्क्लूजन' जुड़ा है, जिससे संकेत मिलता है कि यह कहानी का अंतिम अध्याय हो सकता है। हालांकि, हाल ही में ट्रेलर लॉन्च के दौरान तब्बू ने मजाक में कहा था कि उन्हें यकीन नहीं है कि यह वास्तव में अंत है। वहीं जब अभिषेक पाठक से हिंदी फ्रेंचाइजी के चौथे पार्ट की संभावना पूछी गई, तो उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह 'दृश्यम 4' नहीं लिखेंगे। उनका मानना है कि तीसरे पार्ट को इस तरह तैयार किया गया है कि विजय सालगांवकर की कहानी को एक संतोषजनक अंत मिल सके।
इसके अलावा निर्देशक ने अक्षय खन्ना के फिल्म से जाने की बात भी की थी। उन्होंने बताया कि अक्षय खन्ना ने शूट शुरू होने से सिर्फ 7 दिन पहले ही फिल्म छोड़ दी। आनन-फानन में जयदीप अहलावत को लाना पड़ा और पूरी कहानी भी 5-6 दिन के भीतर ही बदलनी पड़ी, जिससे काफी मुश्किल हुई।
फिर लौटेंगे अजय देवगन और तब्बू
'दृश्यम: द कन्क्लूजन' में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव और कमलेश सावंत भी अपने पुराने किरदारों में लौट रहे हैं। वहीं जयदीप अहलावत, प्रकाश राज और सौरभ शुक्ला जैसे कलाकार फ्रेंचाइजी में नए चेहरे होंगे। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अब देखना होगा कि विजय सालगांवकर की कहानी का यह कथित अंतिम अध्याय दर्शकों को किस तरह का ट्विस्ट और क्लोजर देता है।