Friday, April 19, 2024
Advertisement

Myositis से जूझ रही हैं समांथा, जानिए इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण, कारण और इलाज

Myositis: मायोसिटिस की समस्या में इम्यून सिस्टम हेल्‍दी टिशू पर हमला कर देता है। आइए जानते हैं इस दुर्लभ बीमारी के बारे में जरूरी जानकारी।

Akanksha Tiwari Written By: Akanksha Tiwari @akankshamini
Updated on: July 14, 2023 9:07 IST
What is myositis- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK What is myositis

साउथ सिनेमा की फेमस एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु मायोसिटिस नाम की दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं। इस बीमारी के इलाज के साथ वह अपने प्रोजेक्ट्स भी पूरे कर रही हैं। मायोसिटिस एक ऑटो इम्यून बीमारी है जिसमें शरीर में असहनीय दर्द होता है। जानकारी के मुताबिक, सामंथा रुथ प्रभु अपना इलाज आयुर्वेद पद्धति के करवा रही हैं, जहां उन्हें कई थेरेपी दी जाती हैं। मायोसिटिस (Myositis symptoms) में शरीर में सूजन आने लगती है और मांसपेशियों में तेज दर्द महसूस होता है। सूजन के कारण मांसपेशियां कमजोर भी होती हैं। आइए जानते हैं इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण कारण और इलाज।

मायोसिटिस क्या है (what is Myositis)

मायोसिटिस को ऑटोइम्यून कंडीशन कहते हैं क्योंकि ये इम्यून सिस्टम के कारण ही होती है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम, अपनी ही स्वस्थ कोशिकाओं (healthy cells) को नुकसान पहुंचाने लगता है। इस दुर्लभ बीमारी में मरीज चलते चलते लड़खड़ाने लगता है, ज्यादा थकान महसूस होती है और तेज दर्द होता है। 

मायोसिटिस के प्रकार (types of myositis)

पॉलिमायोसिटिस (Polymyositis)

पॉलिमायोसिटिस मांसपेशियों को प्रभावित करता है खासकर कंधे, कूल्हे और जांघों को, यह प्रकार महिलाओं में ज्यादा होता है। पॉलिमायोसिटिस होने पर बैठने के बाद खड़े होने में. सीढ़ियां चढ़ने में और सामान को उठाने में दिक्कत होती है।

डर्माटोमायोसिटिस (Dermatomyositis)

डर्माटोमायोसिटिस आपकी मांसपेशियों के अलावा त्वचा को भी प्रभावित करता है और स्किन पर रेशेज आ सकते हैं। ये समस्या भी ज्यादातर महिलाओं में देखी गई है।

इंक्लूजन बॉडी मायोसिटिस (Inclusion body myositis)

इंक्लूजन बॉडी मायोसिटिस में जांघें कमजोर हो जाती हैं, इसके अलावा कलाई की मांसपेशिया और घुटने के नीचे की मांसपेशियां प्रभावित होत हैं, ये कंडीशन पुरुषों में ज्यादा होती है। यह आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। यह आपके गले की मांसपेशियों को भी प्रभावित कर सकता है जो आपको निगलने में मदद करती हैं। इंक्लूजन बॉडी मायोसिटिस वाले लगभग 30% लोगों में dysphagia (निगलने में कठिनाई) देखा गया है।

मायोसिटिस के लक्षण (Symptoms of myositis)

  1. मांसपेशियों में कमजोरी।
  2. जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द।
  3. थकान।
  4. सूजन।
  5. सांस लेने या निगलने में परेशानी होना।

मायोसिटिस के अलग-अलग लक्षण होते हैं लेकिन तीनों मायोसिटिस में एक बात कॉमन है कि इनमें मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। पोलीमायोसिटिस में मांसपेशियों में तेज दर्द होता है और थकान रहती है। इसके साथ ही बैठने में दिक्कत होती है और खड़े होने पर इस बात का डर रहता है कि कहीं गिर न जाएं। डर्माटोमायोसिटिस में मांसपेशियों में तेज दर्द होता है और थकान के साथ शरीर पर रेशेज होते हैं और मन दुख रहता है। इस समस्या से जूझ रहे लोग डिप्रेशन के शिकार भी हो सकते हैं।

मायोसिटिस का कारण (What causes myositis)

मायोसिटिस होने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है लेकिन यह माता-पिता से बच्चों के जीन में आ सकता है। मायोसिटिस ऑटोइम्यून स्थिति है, जहां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली खुद पर हमला करती है, जिससे मांसपेशियों और जोड़ों में सूजन हो जाती है। यह स्पष्ट नहीं है कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली ऐसा क्यों करती है। 

मायोसिटिस का इलाज (Treatment for myositis)

मायोसिटिस का अब तक कोई इलाज नहीं है लेकिन कई तरीकों को अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है। मायोसिटिस की समस्या में फिजियोथेरेपी आपको एक्टिव रहने और मांसपेशियों की ताकत में सुधार करने में मदद करती है। शरीर में सूजन कम करने और इम्यून सिस्टम को शरीर पर अटैक करने से रोकने के लिए डॉक्टर स्टेरॉयड जैसी दवाएं देते हैं।  इम्यूनोग्लोबोलिन थेरेपी भी मायोसिटिस के मरीजों को दी जाती है जिसमें एंटीबॉडीज का इंजेक्शन लगाया जाता है। मायोसिटिस के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: सुबह पेट साफ होने में आती है दिक्कत? सख्त मल और कब्ज से छुटकारा दिलाएंगी ये 5 चीजें

कैल्शियम की कमी दूर करती है ये सस्ती चीज, हड्डियों के लिए है वरदान

पेट के अल्सर को ठीक करेगा बांस का पत्ता, जानें इसके फायदे और इस्तेमाल का तरीका

India TV पर हिंदी में ब्रेकिंग न्यूज़ Hindi News देश-विदेश की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट और स्‍पेशल स्‍टोरी पढ़ें और अपने आप को रखें अप-टू-डेट। News in Hindi के लिए क्लिक करें Explainers सेक्‍शन

Advertisement
Advertisement
Advertisement