सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग आर्मी जैसी एक बख्तरबंद गाड़ी पर पत्थर मार रहे हैं। इस वीडियो को शेयर कर कुछ लोग जम्मू कश्मीर का बता रहे हैं। पीटीआई की फैक्ट चेक में यह दावा फेक साबित हुआ है।
क्या किया गया दावा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टा पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें दावा किया गया कि जम्मू कश्मीर में कुछ लोग भारतीय सेना की गाड़ी पर पत्थर मार रहे हैं। साथ ही कैप्शन भी दिया गया- “ये है जम्मू कश्मीर की जनता।” इस पोस्ट को आप नीचे देख सकते हैं।
अन्य वीडियो यहां देखेंक्या निकला पड़ताल में?
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए वीडियो के एक की-फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से चेक किया गया तो हमें दावे के इतर ही कहानी मिली। जांच में हमें एक फेसबुक पोस्ट मिला जिसमें पाया कि यह वीडियो केन्या का है, वह वीडियो 2 जुलाई को शेयर किया गया था।
इस क्लू के आधार पर और जानकारी खोजी गई तो हमें केन्या का एक यूट्यूब चैनल ‘Mutembei TV’ का लिंक मिला, जिसमें पता चला कि केन्या में हाल में अभी प्रदर्शन हुआ, जिसकी शुरुआत वर्ष 2024 में उस समय हुई थी, जब केन्या सरकार ने एक वित्त मामले से जुड़ा एक बिल पेश किया था। इस बिल में टैक्स में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव था, जिससे आम जनता में नाखुश हुई और लोग सड़कों पर उतर आए। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़पों में कई लोगों की जान चली गई। एक साल बाद, इन्हीं घटनाओं की बरसी के दौरान फिर दोबारा देशभर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए और इस दौरान, एक टीचर व ब्लॉगर की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, और फिर यह आंदोलन और भड़क उठा।
निष्कर्ष
फैक्ट चेक में यह दावा फर्जी (Fake) साबित हुआ, यह वीडियो भारत का है ही नहीं, बल्कि केन्या में हुए एक विरोध प्रदर्शन का है।
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