प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जून को ग्रुप ऑफ 7 यानी G-7 समिट के लिए कनाडा पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस समिट में हिस्सा लिया। कनैनिस्किस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद पीएम मोदी ने अलग-अलग देशों के लीडर के साथ विशेष बैठक भी की। G-7 में दुनिया के सात बड़े देश अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली शामिल हैं।
इस बीच सोशल मीडिया पर खालिस्तानियों पर कार्रवाई करती पुलिस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें सड़क किनारे कुछ सिख हाथ में खालिस्तानी झंडा लिए दिख रहे हैं। यहां मौजूद पुलिसकर्मी इन सिखों से झंडा छीनते हुए इन्हें हथकड़ी लगा कर गिरफ्तार करते नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो कनाडा का है, जहां G-7 समिट से ठीक पहले खालिस्तानियों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की।
क्या हो रहा है वायरल?
ऐसे ही सोशल मीडिया पर एक यूजर की पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें वीडियो के ऊपर लिखा है, “मोदी जी की बात ही अलग है। उधर कनाडा में G7 सम्मेलन शुरू होने से पहले खालिस्तानियों की कुटाई शुरू हो गई।” फेसबुक पर ये वीडियो पोस्ट करते हुए एक शख्स ने लिखा, “कनाडा में मोदी जी के पहुंचने से पहले खालिस्तानियो की कुटाई शुरू हो गई। G7 सम्मेलन से पहले खालिस्तान वाले विरोध कर रहे थे धमकी दे रहे थे। अब उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जा रहा है।”

पड़ताल में क्या सामने आया?
हालांकि, फैक्ट चेक की जांच में पाया कि इस वीडियो का कनाडा में हो रहे G-7 समिट से कोई लेना-देना नहीं है। ये वीडियो न्यूयॉर्क का है, जहां 2024 में पीएम मोदी के दौरे के बीच एक खालिस्तानी प्रदर्शनकारी की गिरफ्तारी हुई थी। दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से जांचा। इस दौरान हमें इस घटना के बारे में छपी एक खबर मिली। इसमें वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट लगा हुआ है। 23 सितंबर, 2024 की इस खबर के मुताबिक, न्यूयॉर्क के Nassau काउंटी की पुलिस ने पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के समय एक खालिस्तानी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके साथ ही, पुलिस ने उस जगह लगे भड़काऊ बैनर्स हटाकर प्रदर्शनकारियों को ‘फ्री स्पीच जोन’ में भेज दिया था। इससे साफ है कि वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि लगभग एक साल पुराना है।

बता दें कि सितंबर 2024 में इस वीडियो के बारे में कई खबरें छपी थीं जिनमें यही बताया गया था कि पीएम मोदी को 'Nassau Veterans Memorial Coliseum' में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था लेकिन तभी कुछ खालिस्तानी उसी इलाके में प्रदर्शन करने लगे जिसके बाद पुलिस ने उनपर कार्रवाई की।
Fact Check में क्या निकला?
India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। ये वीडियो न्यूयॉर्क का है, जहां 2024 में पीएम मोदी के दौरे के बीच एक खालिस्तानी प्रदर्शनकारी की गिरफ्तारी हुई थी। इसका कनाडा में हुए G-7 समिट से कोई लेना-देना नहीं है। इसे फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
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