Published : Jan 27, 2025 02:22 pm IST, Updated : Jan 27, 2025 02:25 pm IST
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आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी बूटी पाई जाती हैं जिनके इस्तेमाल से सेहत और बेहतर होती है। कोरोना काल में जमकर इस्तेमाल हुआ गिलोय भी इनमे से एक है।आयुर्वेदिक औषधि के रुप में गिलोय का इस्तेमाल सदियों से किया जा रहा है। आयुर्वेद के अनुसार, गिलोय की पत्तियां, जड़ें और तना तीनो ही सेहत के लिए बहुत लाभकारी हैं।लेकिन बीमारियों के इलाज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल गिलोय के तने का किया जाता है। इसमें गिलोइन नामक ग्लूकोसाइड, कॉपर, आयरन, फॉस्फोरस, जिंक,कैल्शियम और मैगनीज भी प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। तो, चलिए जानते हैं यह आयुर्वेदिक जड़ी बूटी किन समस्याओं में लाभकारी है?
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गिलोय डायबिटीज को नियंत्रित रखने में असरदार भूमिका निभाती है। गिलोय जूस ब्लड शुगर के बढे स्तर को कम करती है और इन्सुलिन रेजिस्टेंस को कम करती है। इस तरह यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत उपयोगी जड़ी बूटी है। दो से तीन चम्मच गिलोय जूस (10-15ml) को एक कप पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट सेवन करने से ब्लड शुगर तेजी से कंट्रोल होगा।
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डेंगू से बचने के घरेलू उपाय के रुप में गिलोय का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। डेंगू के दौरान मरीज को तेज बुखार होने लगते हैं और प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं। गिलोय में मौजूद एंटीपायरेटिक गुण बुखार को जल्दी ठीक कर प्लेटलेट्स की काउंटिंग भी बढ़ाता है।साथ ही यह इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करती है जिससे डेंगू से जल्दी आराम मिलता है। डेंगू बुखार होने पर दो से तीन चम्मच गिलोय जूस को एक कप पानी में मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने से एक-डेढ़ घंटे पहले लें।
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शरीर की कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी गीकोय का कोई मुकाबला नहीं है।गिलोय जूस का नियमित सेवन शरीर की इम्यूनिटी तेजी से बढ़ती है जिससे सर्दी-जुकाम समेत कई तरह की संक्रामक बीमारियों से बचाव होता है। ऐसे में अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए दिन में दो बार दो से तीन चम्मच गिलोय जूस का सेवन करें।
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अधिक शराब का सेवन लीवर को कई तरीकों से नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में गिलोय का सेवन लीवर के लिए टॉनिक की तरह काम करती है। यह खून को साफ़ करती है और एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम का स्तर बढ़ाती है। इस तरह यह लीवर के कार्यभार को कम करती है और लीवर को स्वस्थ रखती है। गिलोय के नियमित सेवन से लीवर संबंधी गंभीर रोगों से बचाव होता है।एक से दो चुटकी गिलोय सत्व को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार इसका सेवन करें।