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शरीर में मैग्नीशियम की कमी होती है बेहद खतरनाक, जानें इसके लक्षण कैसे पहचानें?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jan 28, 2026 05:50 pm IST,  Updated : Jan 28, 2026 05:50 pm IST
अगर सुबह उठने पर आपकी मांसपेशियों में ऐंठन आने लगती है या अचानक आँखें फड़कने लगती हैं तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में कुछ मिनरल्स की कमी है। मैग्नीशियम ऐसा ही एक मिनरल है, जिसकी आपके शरीर को कम मात्रा में ज़रूरत होती है। लेकिन, अगर इसकी कमी हो जाए तो शरीर में कई तरह के गंभीर लक्षण दिखते हैं। चलिए जानते हैं वे लक्षण हैं से हैं?
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अगर सुबह उठने पर आपकी मांसपेशियों में ऐंठन आने लगती है या अचानक आँखें फड़कने लगती हैं तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में कुछ मिनरल्स की कमी है। मैग्नीशियम ऐसा ही एक मिनरल है, जिसकी आपके शरीर को कम मात्रा में ज़रूरत होती है। लेकिन, अगर इसकी कमी हो जाए तो शरीर में कई तरह के गंभीर लक्षण दिखते हैं। चलिए जानते हैं वे लक्षण हैं से हैं?
मांसपेशियों में ऐंठन: बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन या आँखों का फड़कना, यह कम मैग्नीशियम का संकेत है। यह मिनरल सिकुड़ने के बाद मांसपेशियों को आराम देता है। अपने खाने में पालक, बादाम, कद्दू के बीज और केले जैसे मैग्नीशियम से भरपूर चीज़ें शामिल करें।
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मांसपेशियों में ऐंठन: बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन या आँखों का फड़कना, यह कम मैग्नीशियम का संकेत है। यह मिनरल सिकुड़ने के बाद मांसपेशियों को आराम देता है। अपने खाने में पालक, बादाम, कद्दू के बीज और केले जैसे मैग्नीशियम से भरपूर चीज़ें शामिल करें।
लगातार थकान और कमज़ोरी: जब किसी व्यक्ति में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो एनर्जी स्लो हो जाता है, इसलिए लगातार थकान महसूस होती है। इसके अलावा, एनर्जी बढ़ाने के लिए खाने में साबुत अनाज, एवोकाडो और डार्क चॉकलेट शामिल कर सकते हैं।
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लगातार थकान और कमज़ोरी: जब किसी व्यक्ति में मैग्नीशियम की कमी होती है, तो एनर्जी स्लो हो जाता है, इसलिए लगातार थकान महसूस होती है। इसके अलावा, एनर्जी बढ़ाने के लिए खाने में साबुत अनाज, एवोकाडो और डार्क चॉकलेट शामिल कर सकते हैं।
नींद की समस्याएँ: नींद न आना, मैग्नीशियम की कमी का नतीजा हो सकता है। यह मिनरल शरीर को आराम देने और मेलाटोनिन को रेगुलेट करने में मदद करता है। सोने से पहले एक गिलास दूध पीना नैचुरली मैग्नीशियम, कैल्शियम को बढ़ाने में मदद करता है।
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नींद की समस्याएँ: नींद न आना, मैग्नीशियम की कमी का नतीजा हो सकता है। यह मिनरल शरीर को आराम देने और मेलाटोनिन को रेगुलेट करने में मदद करता है। सोने से पहले एक गिलास दूध पीना नैचुरली मैग्नीशियम, कैल्शियम को बढ़ाने में मदद करता है।
सिरदर्द या माइग्रेन: मैग्नीशियम नसों को आराम देने और ब्लड फ्लो को रेगुलेट करने में अहम भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम का कम लेवल कभी-कभी सिरदर्द या माइग्रेन का कारण बन सकता है। पत्तेदार सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का रेगुलर सेवन सिर और नसों के बेहतर स्वास्थ्य में मदद कर सकता है।
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सिरदर्द या माइग्रेन: मैग्नीशियम नसों को आराम देने और ब्लड फ्लो को रेगुलेट करने में अहम भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम का कम लेवल कभी-कभी सिरदर्द या माइग्रेन का कारण बन सकता है। पत्तेदार सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का रेगुलर सेवन सिर और नसों के बेहतर स्वास्थ्य में मदद कर सकता है।
चिंता या डिप्रेशन: मैग्नीशियम सेरोटोनिन जैसे मूड से जुड़े न्यूरोट्रांसमीटर को रेगुलेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम कम होने से चिड़चिड़ापन, चिंता या खराब मूड से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में इसकी कमी को पूरा करने एक लिए डाइट में नट्स, बीज और फैटी मछली जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
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चिंता या डिप्रेशन: मैग्नीशियम सेरोटोनिन जैसे मूड से जुड़े न्यूरोट्रांसमीटर को रेगुलेट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम कम होने से चिड़चिड़ापन, चिंता या खराब मूड से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में इसकी कमी को पूरा करने एक लिए डाइट में नट्स, बीज और फैटी मछली जैसे मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
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