थायरॉइड हॉर्मोन को कंट्रोल करने में असरदार है तुलसी, जानिए कब और कैसे इस्तेमाल करें?
थायरॉइड हॉर्मोन को कंट्रोल करने में असरदार है तुलसी, जानिए कब और कैसे इस्तेमाल करें?
Tulsi Tea Or Water In Thyroid: आयुर्वेद में तुलसी को बहुत गुणकारी माना जाता है। तुलसी का इस्तेमाल करने से थायरॉइड कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है। जानिए थायाराइड के मरीज को तुलसी कब और कैसे इस्तेमाल करनी चाहिए?
Published : Apr 15, 2025 01:24 pm IST, Updated : Apr 15, 2025 01:24 pm IST
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थायराइड के मरीज अगर खान-पान सही रखें तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। रोजाना सुबह तुलसी का पानी या तुलसी की चाय पीने से थायराइड कंट्रोल करना आसान हो जाता है। हालांकि आपको दवाओं का सेवन भी नियमित करना जरूरी है।
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तुलसी में ऐसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सेहत के लिहाज से फायदेमंद माने जाते हैं। तुलसी में कई तरह की मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होती हैं जो इसे गुणकारी बनाती हैं। थायराइड में भी तुलसी को असरदार माना जाता है।
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तुलसी में कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं जो थायराइड में फायदेमंद साबित होते हैं। तुलसी में विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक, आयरन, सिट्रिक, टार्टरिक और मैलिक एसिड होते हैं ये सभी पोषक तत्व थायराइड कंट्रोल में असरदार साबित होते हैं।
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एक्सपर्ट्स की मानें तो थायराइड होने पर अगर आप समय पर तुलसी का सेवन शुरू कर देते हैं तो कंट्रोल करना आसान हो जाता है। आपको तुलसी के पत्ते चबाने या तुलसी का पानी पीना शुरू कर देना चाहिए। हालांकि इसके साथ दवाएं खाना न भूलें।
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तुलसी की चाय बनाने के लिए 1 गिलास पानी में तुलसी के पत्ते डालकर 5-7 मिनट तक उबालें। इसे छान लें और हल्का ठंडा होने के बाद पी लें। रोजाना सुबह इस तरह बनी तुलसी की चाय थायराइड के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।