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थायराइड में कहां-कहां दर्द होता है? एक्सपर्ट से जानें लक्षण और कैसे करें बचाव

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Mar 24, 2026 09:24 pm IST,  Updated : Mar 24, 2026 09:24 pm IST
थायराइड एक छोटी सी ग्रंथि है जो गर्दन के सामने वाले हिस्से में होती है, लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। जब थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है चाहे वह हाइपोथायरायडिज्म हो या हाइपरथायरायडिज्म (ज्यादा हार्मोन) तो शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। दिल्ली में स्थित PSRI हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्राइनोलॉजी और डायबेटोलॉजी, डॉ. हिमका चावला बता रही हैं कि थायराइड होने पर कौन से लक्षण दिखता है और बचाव के उपाय
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थायराइड एक छोटी सी ग्रंथि है जो गर्दन के सामने वाले हिस्से में होती है, लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। जब थायराइड हार्मोन का संतुलन बिगड़ता है चाहे वह हाइपोथायरायडिज्म हो या हाइपरथायरायडिज्म (ज्यादा हार्मोन) तो शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। दिल्ली में स्थित PSRI हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्राइनोलॉजी और डायबेटोलॉजी, डॉ. हिमका चावला बता रही हैं कि थायराइड होने पर कौन से लक्षण दिखता है और बचाव के उपाय
गर्दन दर्द: गर्दन के दर्द की, तो थायराइड से जुड़ा सबसे आम दर्द यहीं महसूस होता है। गर्दन के सामने वाले हिस्से में सूजन, भारीपन या दबाव जैसा एहसास हो सकता है। कुछ लोगों को निगलने में दर्द या परेशानी भी होती है। यदि थायराइड ग्रंथि में सूजन हो जाए, तो यह दर्द हल्का से लेकर तेज भी हो सकता है और छूने पर भी तकलीफ होती है
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गर्दन दर्द: गर्दन के दर्द की, तो थायराइड से जुड़ा सबसे आम दर्द यहीं महसूस होता है। गर्दन के सामने वाले हिस्से में सूजन, भारीपन या दबाव जैसा एहसास हो सकता है। कुछ लोगों को निगलने में दर्द या परेशानी भी होती है। यदि थायराइड ग्रंथि में सूजन हो जाए, तो यह दर्द हल्का से लेकर तेज भी हो सकता है और छूने पर भी तकलीफ होती है
कंधों और ऊपरी पीठ: थायराइड की समस्या का असर कंधों और ऊपरी पीठ पर भी देखने को मिलता है। खासकर हाइपोथायरायडिज्म में मांसपेशियों में जकड़न और दर्द आम होता है। व्यक्ति को कंधों में भारीपन, अकड़न और थकान महसूस हो सकती है। यह दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और कई बार लोग इसे सामान्य मांसपेशियों का दर्द समझकर अनदेखा कर देते हैं।
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कंधों और ऊपरी पीठ: थायराइड की समस्या का असर कंधों और ऊपरी पीठ पर भी देखने को मिलता है। खासकर हाइपोथायरायडिज्म में मांसपेशियों में जकड़न और दर्द आम होता है। व्यक्ति को कंधों में भारीपन, अकड़न और थकान महसूस हो सकती है। यह दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और कई बार लोग इसे सामान्य मांसपेशियों का दर्द समझकर अनदेखा कर देते हैं।
जोड़ों का दर्द: जोड़ों का दर्द भी थायराइड से जुड़ा लक्षण है। घुटनों, कोहनी, कलाई और उंगलियों में दर्द या सूजन हो सकती है। हाइपोथायरायडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों में सूजन बढ़ जाती है।
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जोड़ों का दर्द: जोड़ों का दर्द भी थायराइड से जुड़ा लक्षण है। घुटनों, कोहनी, कलाई और उंगलियों में दर्द या सूजन हो सकती है। हाइपोथायरायडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे जोड़ों में सूजन बढ़ जाती है।
इन लक्षणों के अलावा वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, त्वचा का सूखापन, दिल की धड़कन का तेज या धीमा होना, और मूड में बदलाव जैसे संकेत भी थायराइड की ओर इशारा करते हैं। इसलिए यदि शरीर में लगातार दर्द के साथ ये लक्षण भी दिखें, तो तुरंत जांच करवाना जरूरी है।
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इन लक्षणों के अलावा वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, त्वचा का सूखापन, दिल की धड़कन का तेज या धीमा होना, और मूड में बदलाव जैसे संकेत भी थायराइड की ओर इशारा करते हैं। इसलिए यदि शरीर में लगातार दर्द के साथ ये लक्षण भी दिखें, तो तुरंत जांच करवाना जरूरी है।
सही इलाज से थायराइड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए नियमित ब्लड टेस्ट, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाओं का सेवन बेहद जरूरी है। दर्द को सामान्य समझकर अनदेखा करना भविष्य में गंभीर समस्या बन सकता है, इसलिए शरीर के संकेतों को समझना और समय पर कदम उठाना सबसे महत्वपूर्ण है।
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सही इलाज से थायराइड को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए नियमित ब्लड टेस्ट, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और डॉक्टर की सलाह अनुसार दवाओं का सेवन बेहद जरूरी है। दर्द को सामान्य समझकर अनदेखा करना भविष्य में गंभीर समस्या बन सकता है, इसलिए शरीर के संकेतों को समझना और समय पर कदम उठाना सबसे महत्वपूर्ण है।
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