ओडिशा के पुरी में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना के लिए एक बड़ी खबर आई है। श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना के लिए शनिवार को एक अहम मंजूरी मिल गई है, जो लंबे समय से अटकी हुई थी। केंद्र सरकार ने श्री जगन्नाथ अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परियोजना के लिए वन मंजूरी के पहले चरण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने शनिवार को ये जानकारी दी। ये हवाईअड्डा परियोजना ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा साल 2021 में प्रस्तावित की गई थी। इसके तहत निर्माण के लिए लगभग 27 हेक्टेयर वन भूमि के इस्तेमाल की सशर्त अनुमति दी गई है।
27.887 हेक्टेयर वन भूमि को हवाई अड्डे के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति
पुरी के जिला कलेक्टर दिव्यज्योति परिदा ने बताया कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दी गई ये मंजूरी कुछ शर्तों के साथ है। इनमें वृक्षारोपण, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन शामिल है। उन्होंने कहा कि इन शर्तों को पूरा करने के बाद परियोजना को दूसरे चरण की मंजूरी मिल सकेगी, जिससे हवाई अड्डे के निर्माण कार्य की पूरी अनुमति मिल जाएगी। मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को चिट्ठी के माध्यम से स्वीकृति दी है। इसके तहत पुरी वन विभाग की 27.887 हेक्टेयर वन भूमि को हवाई अड्डे के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।
1,164 एकड़ जमीन पर 5,631 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एयरपोर्ट
प्रस्तावित हवाई अड्डा पुरी के गिराला गांव में 1,164 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 5,631 करोड़ रुपये है। इसके पहले चरण को सालाना लगभग 46 लाख यात्रियों को संभालने के हिसाब से डिजाइन किया गया है, जिससे पुरी में कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे पुरी और भारत के प्रमुख महानगरों के बीच सीधी कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी। बताते चलें कि अभी ओडिशा में बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और 5 घरेलू हवाई अड्डे समेत कुल 6 एयरपोर्ट हैं।