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बहुत ज्यादा बाल झड़ने के पीछे कौन सी वजहें हैं ज़िम्मेदार, जानें कैसे होगा हेयर फॉल कंट्रोल?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Mar 09, 2026 09:23 pm IST,  Updated : Mar 09, 2026 09:23 pm IST
आजकल बहुत से लोग तेजी से झड़ते बालों की समस्या से परेशान हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर बाल झड़ने के पीछे कौन सी वजहें ज़िम्मेदार है। क्योंकि अगर समय रहते इन कारणों को समझ लिया जाए तो हेयर फॉल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
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आजकल बहुत से लोग तेजी से झड़ते बालों की समस्या से परेशान हैं। चलिए जानते हैं कि आखिर बाल झड़ने के पीछे कौन सी वजहें ज़िम्मेदार है। क्योंकि अगर समय रहते इन कारणों को समझ लिया जाए तो हेयर फॉल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
पोषण की कमी: शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन D और B12 की कमी बालों के फॉलिकल्स को कमजोर करती है, जिससे वे पतले होकर तेजी से टूटने लगते हैं। आयरन की कमी ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकती है, जबकि विटामिन D और B12 की कमी भी हेयर फॉल की वजह बनती है।
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पोषण की कमी: शरीर में आयरन, प्रोटीन, विटामिन D और B12 की कमी बालों के फॉलिकल्स को कमजोर करती है, जिससे वे पतले होकर तेजी से टूटने लगते हैं। आयरन की कमी ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकती है, जबकि विटामिन D और B12 की कमी भी हेयर फॉल की वजह बनती है।
हार्मोनल बदलाव: थायरॉइड, पीसीओएस और हार्मोनल असंतुलन बालों के झड़ने के प्रमुख कारण हैं। ये स्थितियां बालों के विकास चक्र को बाधित करती हैं, जिससे बाल पतले होकर गिरने लगते हैं। थायरॉइड की समस्या में पूरे सिर के बाल पतले होते हैं, जबकि पीसीओएस में एंड्रोजन बढ़ने से महिला पैटर्न गंजापन हो सकता है।
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हार्मोनल बदलाव: थायरॉइड, पीसीओएस और हार्मोनल असंतुलन बालों के झड़ने के प्रमुख कारण हैं। ये स्थितियां बालों के विकास चक्र को बाधित करती हैं, जिससे बाल पतले होकर गिरने लगते हैं। थायरॉइड की समस्या में पूरे सिर के बाल पतले होते हैं, जबकि पीसीओएस में एंड्रोजन बढ़ने से महिला पैटर्न गंजापन हो सकता है।
ज्यादा तनाव: लगातार तनाव लेने से बालों का ग्रोथ साइकिल प्रभावित होती है जिससे बाल तेजी से झड़ सकते हैं। तनाव के कारण शरीर कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन बढ़ा देता है, जो बालों को बढ़ने की अवस्था से जल्दी झड़ने वाली अवस्था में भेज देता है, जिससे समय से पहले बाल झड़ने लगते हैं।
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ज्यादा तनाव: लगातार तनाव लेने से बालों का ग्रोथ साइकिल प्रभावित होती है जिससे बाल तेजी से झड़ सकते हैं। तनाव के कारण शरीर कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन बढ़ा देता है, जो बालों को बढ़ने की अवस्था से जल्दी झड़ने वाली अवस्था में भेज देता है, जिससे समय से पहले बाल झड़ने लगते हैं।
केमिकल वाले प्रोडक्ट: बार-बार केमिकल ट्रीटमेंट, जैसे हेयर कलर, स्ट्रेटनिंग, और कड़े शैंपू का उपयोग बालों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। ये केमिकल बालों की क्यूटिकल को खोलकर नमी और प्रोटीन को खत्म कर देते हैं। इससे बाल रूखे, बेजान, कमजोर होकर टूटने लगते हैं, और स्कैल्प में एलर्जी या जलन भी हो सकती है।
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केमिकल वाले प्रोडक्ट: बार-बार केमिकल ट्रीटमेंट, जैसे हेयर कलर, स्ट्रेटनिंग, और कड़े शैंपू का उपयोग बालों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। ये केमिकल बालों की क्यूटिकल को खोलकर नमी और प्रोटीन को खत्म कर देते हैं। इससे बाल रूखे, बेजान, कमजोर होकर टूटने लगते हैं, और स्कैल्प में एलर्जी या जलन भी हो सकती है।
बालों को मजबूत बनाने के लिए ज़रूरी है कि अपनी डाइट में प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल, नट्स और बीज जरूर शामिल करें। सप्ताह में 2–3 बार नारियल या आंवला तेल से हल्की मालिश करें। अपने बालों में सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल करे। योग, मेडिटेशन और अच्छी नींद से तनाव कम होता है, जिससे बालों का झड़ना भी कम हो सकता है।
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बालों को मजबूत बनाने के लिए ज़रूरी है कि अपनी डाइट में प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल, नट्स और बीज जरूर शामिल करें। सप्ताह में 2–3 बार नारियल या आंवला तेल से हल्की मालिश करें। अपने बालों में सल्फेट-फ्री शैंपू का इस्तेमाल करे। योग, मेडिटेशन और अच्छी नींद से तनाव कम होता है, जिससे बालों का झड़ना भी कम हो सकता है।
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