1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. धर्म
  4. इस बसंत पंचमी बच्चों को सिखाएं मां सरस्वती के ये चमत्कारी श्लोक, दिमाग होगा तेज, हर परीक्षा में मिलेगी कामयाबी

इस बसंत पंचमी बच्चों को सिखाएं मां सरस्वती के ये चमत्कारी श्लोक, दिमाग होगा तेज, हर परीक्षा में मिलेगी कामयाबी

Written By: Laveena Sharma
Published : Jan 20, 2026 02:09 pm IST,  Updated : Jan 20, 2026 02:09 pm IST
Basant Panchami Shlok: बसंत पंचमी का त्योहार इस साल 23 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। ये दिन विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इसे सरस्वती पूजा और सरस्वती जयंती के नाम से भी जाना जाता है। ये दिन विद्या आरंभ करने के लिए भी शुभ माना जाता है। इस दिन बच्चों को सरस्वती माता के कुछ खास मंत्रों या श्लोकों का जाप जरूर कराना चाहिए। कहते हैं इससे बच्चों का दिमाग तेज होता है और उनकी एकाग्रता शक्ति बढ़ती है।
1/6 Image Source : canva
Basant Panchami Shlok: बसंत पंचमी का त्योहार इस साल 23 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। ये दिन विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इसे सरस्वती पूजा और सरस्वती जयंती के नाम से भी जाना जाता है। ये दिन विद्या आरंभ करने के लिए भी शुभ माना जाता है। इस दिन बच्चों को सरस्वती माता के कुछ खास मंत्रों या श्लोकों का जाप जरूर कराना चाहिए। कहते हैं इससे बच्चों का दिमाग तेज होता है और उनकी एकाग्रता शक्ति बढ़ती है।
सरस्वती गायत्री मंत्र: ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥ अर्थ: हम सरस्वती देवी, जो वाणी और ज्ञान की देवी हैं उनका ध्यान करते हैं। वह देवी हमारे मन को प्रकाशित करें और हमारे विचारों को प्रेरित करें।
2/6 Image Source : canva
सरस्वती गायत्री मंत्र: ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥ अर्थ: हम सरस्वती देवी, जो वाणी और ज्ञान की देवी हैं उनका ध्यान करते हैं। वह देवी हमारे मन को प्रकाशित करें और हमारे विचारों को प्रेरित करें।
सरस्वती वंदना: सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥ अर्थ: हे सरस्वती देवी, आपको नमन है। आप वर देने वाली और इच्छाओं को पूरा करने वाली हैं। मैं विद्यारंभ करने जा रहा हूं या जा रही हूं, कृपया सदा सफलता प्रदान करें।
3/6 Image Source : canva
सरस्वती वंदना: सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥ अर्थ: हे सरस्वती देवी, आपको नमन है। आप वर देने वाली और इच्छाओं को पूरा करने वाली हैं। मैं विद्यारंभ करने जा रहा हूं या जा रही हूं, कृपया सदा सफलता प्रदान करें।
मां सरस्वती की इस प्रार्थना का अर्थ है। जो कुन्द के फूल, चंद्रमा, या बर्फ के हार की तरह श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, जो वीणा और वरदण्ड से सुशोभित हैं, जो श्वेत कमल पर बैठी हैं, जो ब्रह्मा, विष्णु और शंकर जैसे देवताओं द्वारा सदा पूजित हैं, वे भगवती सरस्वती देवी मुझे हर प्रकार की जड़ता और अज्ञान से मुक्त करें।
4/6 Image Source : canva
मां सरस्वती की इस प्रार्थना का अर्थ है। जो कुन्द के फूल, चंद्रमा, या बर्फ के हार की तरह श्वेत हैं, जो शुभ्र वस्त्र धारण करती हैं, जो वीणा और वरदण्ड से सुशोभित हैं, जो श्वेत कमल पर बैठी हैं, जो ब्रह्मा, विष्णु और शंकर जैसे देवताओं द्वारा सदा पूजित हैं, वे भगवती सरस्वती देवी मुझे हर प्रकार की जड़ता और अज्ञान से मुक्त करें।
विद्या मंत्र: सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तुते॥ अर्थ: हे सरस्वती देवी, जो महान और सौभाग्यशाली हैं, जिनकी आंखें कमल के समान हैं, जो विद्या की रूप हैं, विशाल आंखों वाली हैं, मुझे विद्या प्रदान करें, आपको नमन है।
5/6 Image Source : canva
विद्या मंत्र: सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तुते॥ अर्थ: हे सरस्वती देवी, जो महान और सौभाग्यशाली हैं, जिनकी आंखें कमल के समान हैं, जो विद्या की रूप हैं, विशाल आंखों वाली हैं, मुझे विद्या प्रदान करें, आपको नमन है।
सरस्वती अष्टाक्षर मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः। अर्थ- हे महा सरस्वती देवी आपको नमन है। आप ज्ञान, रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता का प्रतीक हैं।
6/6 Image Source : canva
सरस्वती अष्टाक्षर मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः। अर्थ- हे महा सरस्वती देवी आपको नमन है। आप ज्ञान, रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता का प्रतीक हैं।
Advertisement