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Garud Puran: गरुड़ पूराण में किन पाप कर्मों की मिलती है सबसे घातक सजा?

Written By: Naveen Khantwal
Published : Feb 21, 2026 02:47 pm IST,  Updated : Feb 21, 2026 02:47 pm IST
गरुड़ पुराण में कर्मों की सजा के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। ऐसे में आज हम आपको उन पाप कर्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी सजा सबसे घातक होती है। इन पाप कर्मों को करने वालों को जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इनके बारे में।
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गरुड़ पुराण में कर्मों की सजा के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। ऐसे में आज हम आपको उन पाप कर्मों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी सजा सबसे घातक होती है। इन पाप कर्मों को करने वालों को जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इनके बारे में।
पहला पाप भ्रूण हत्या- गरुड़ पुराण के अनुसार भ्रूण हत्या करने वाले लोगों को कुंभीपाक नर्क में ले जाया जाता है। यहां उनको वर्षों तक गर्म तेल की कड़ाही में तला जाता है। कई अन्य शास्त्रों में भी भ्रूण हत्या को 'ब्रह्महत्या' के जितना महापाप माना गया है।
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पहला पाप भ्रूण हत्या- गरुड़ पुराण के अनुसार भ्रूण हत्या करने वाले लोगों को कुंभीपाक नर्क में ले जाया जाता है। यहां उनको वर्षों तक गर्म तेल की कड़ाही में तला जाता है। कई अन्य शास्त्रों में भी भ्रूण हत्या को 'ब्रह्महत्या' के जितना महापाप माना गया है।
दूसरा पाप गौ हत्या- गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति गौ हत्या करता है तो इसे महापाप माना जाता है, इस पाप की सजा भी बेहद खतरनाक है। गरुड़ पुराण के अनुसार गाय के शरीर पर जितने बाल होते हैं, उतने वक्त तक व्यक्ति की आत्मा को नर्क की यातनाएं झेलनी पड़ती हैं।
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दूसरा पाप गौ हत्या- गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति गौ हत्या करता है तो इसे महापाप माना जाता है, इस पाप की सजा भी बेहद खतरनाक है। गरुड़ पुराण के अनुसार गाय के शरीर पर जितने बाल होते हैं, उतने वक्त तक व्यक्ति की आत्मा को नर्क की यातनाएं झेलनी पड़ती हैं।
तीसरा पाप माता-पिता और गुरु का अनादर- जो लोग अपने माता-पिता और गुरुजनों का निरादर करते हैं उनको भी गंभीर यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। ऐसे लोगों को गर्म कोड़ों से मारा जाता है और वर्षों तक नुकीले भालों पर लिटाया जाता है।
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तीसरा पाप माता-पिता और गुरु का अनादर- जो लोग अपने माता-पिता और गुरुजनों का निरादर करते हैं उनको भी गंभीर यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। ऐसे लोगों को गर्म कोड़ों से मारा जाता है और वर्षों तक नुकीले भालों पर लिटाया जाता है।
चौथा पाप झूठी गवाही और विश्वासघात- जो लोग झूठी गवाही देकर दूसरों को फंसाते हैं, विश्वास घात करते हैं उन्हें महारौरव नर्क में भेजा जाता है। यहां उन्हें सांप और बिच्छुओं के डंक मारे जाते हैं। ऐसे लोगों को वर्षों तक नर्क का जीवन भोगना पड़ता है।
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चौथा पाप झूठी गवाही और विश्वासघात- जो लोग झूठी गवाही देकर दूसरों को फंसाते हैं, विश्वास घात करते हैं उन्हें महारौरव नर्क में भेजा जाता है। यहां उन्हें सांप और बिच्छुओं के डंक मारे जाते हैं। ऐसे लोगों को वर्षों तक नर्क का जीवन भोगना पड़ता है।
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