क्रिकेट को इतिहास में सिर्फ बल्लेबाजी का खेल माना जाता था उसके बाद इसमें धीरे - धीरे गेंदबाजी ने भी अपना स्थान बनाया, मगर जैसे - जैसे क्रिकेट आधुनिकता की और बढ़ता गया इसमें फील्डिंग ने अपना सबसे महत्वपूर्ण स्थान बनाया और सभी फैंस फील्डिंग का भी आनंद लेने लगे। क्रिकेट में फील्डिंग का जनक साउथ अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी जोंटी रोड्स को माना जाता है। जिन्होंने बेहतरीन फील्डिंग से तमाम कैच लपक कर फील्डिंग की परिभाषा लिखी। इसी कड़ी में हम आपको 3 खिलाड़ियों के बारे में बतायेंगे जिन्होंने फील्डिंग के दमपर विश्वकप में लपके सबसे ज्यादा कैच।
क्रिकेट विश्वकप में सबसे ज्यादा कैच लपकने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के नाम है। पोंटिंग ने 1996 से लेकर 2011 तक वर्ल्ड कप में कुल 46 मुकाबले खेले जिसमें उन्होंने सबसे ज्यादा 28 कैच पकड़े इतना ही नहीं उन्होंने अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को दो बार साल 2003 और साल 2007 में विश्वकप खिताब भी जिताया।
वहीं दूसरे नंबर नाम आता है इंग्लैंड के युवा खिलाड़ी जो रूट का, रूट ने अभी तक अपने करियर में विश्वकप के सिर्फ 17 मैच खेलें, जिसमें उनके नाम 20 कैच लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।
जबकि तीसरे नंबर पर श्रीलंका के पूर्व सलामी बल्लेबाज सनथ जयसूर्या का नाम आता है। ओपनिंग बल्लेबाजी के तौरपर जयसूर्या श्रीलंका के काफी विस्फोटक बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने साल 1992 से लेकर साल 2007 तक विश्वकप के कुल 38 मैच खेलें, जिसमें उनके नाम 18 कैच दर्ज हैं। इस तरह वो दुनिया में विश्वकप में सबसे अधिक कैच लेने वाले तीसरे क्रिकेट र भी हैं।