भारत दक्षिण कोरिया से खरीदेगा K9-Vajra तोप, जानें इसकी खासियत; देखें तस्वीरें
भारत दक्षिण कोरिया से खरीदेगा K9-Vajra तोप, जानें इसकी खासियत; देखें तस्वीरें
भारत ने हाल ही में अपनी रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के मकसद से K9 वज्र स्व-चालित हॉवित्जर तोपों की खरीद का निर्णय लिया है। यह कदम भारतीय सेना की मारक क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चलिए आपको इस तोप की खासियतों के बारे में बताते हैं।
Published : Dec 14, 2024 05:02 pm IST, Updated : Dec 14, 2024 05:02 pm IST
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K9 वज्र एक स्व-चालित हॉवित्जर तोप है, जिसे दुश्मन की स्थाई और मूविंग टारगेट्स को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह तोप दक्षिण कोरिया द्वारा विकसित K9 थंडर का भारतीय संस्करण है, जिसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के सहयोग से भारत में बनाया गया है।
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मारक क्षमता: K9 वज्र हॉवित्जर तोप में 155 मिमी की लंबी बैरल होती है जो 40 किलोमीटर तक की दूरी तक मार कर सकती है।
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गतिशीलता: यह तोप स्व-चालित होती है और 50 किमी प्रति घंटे की गति से चल सकती है, जिससे इसे त्वरित रूप से तैनात किया जा सकता है।
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स्वदेशी उत्पादन: K9 वज्र हॉवित्जर तोप के अधिकांश कंपोनेंट्स का निर्माण भारत में ही किया जा रहा है, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा मिल रहा है।
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K9 वज्र हॉवित्जर तोप की खरीद का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना की तोपखाना क्षमता को आधुनिक बनाना और देश की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करना है। यह तोप भारतीय सेना की ताकत में इजाफा करेगी।
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भारत सेना की युद्धक क्षमताओं को K9 वज्र हॉवित्जर तोप नए आयाम देगी। इसके साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा भी मिलेगा। इससे ना केवल हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगी बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में भी भारत की साख बढ़ेगी।