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सूरत में मंदिर के पास मिली महिला की लाश की गुत्थी सुलझी, कंधे पर बोरा लेकर जा रहा बेटा CCTV में कैद

 Published : Mar 12, 2026 07:57 pm IST,  Updated : Mar 12, 2026 07:57 pm IST

सूरत के अमरोली इलाके में एक बंद बोरे में मिले महिला का शव की गु्त्थी सुलझ गई है। मृतका की पहचान 57 साल की महिला हमीदा खातून के रूप में हुई। छोटे बेटे, बड़ी बहू और समधी ने हमीदा की गला दबाकर हत्या की थी।

मृतका की फाइल फोटो,...- India TV Hindi
मृतका की फाइल फोटो, दूसरी तस्वीर बोरे में शव ले जाते बेटे की है। Image Source : REPORTER INPUT

सूरत के अमरोली क्षेत्र के कोसाड आवास के पास बोरे में मिली 55 वर्षीय हमीदा खातून की लाश का भेद क्राइम ब्रांच ने गिनती के घंटों में सुलझा लिया है। पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मृतक हमीदा के छोटे बेटे परवेज और उसकी भाभी शबाना के बीच प्रेम संबंध था। घर में बार-बार होने वाले पैसों के विवाद और झगड़ों से परेशान होकर दोनों ने हमीदा को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।

लाश को बोरे में बांधकर मंदिर के पास फेंका

10 मार्च को तीनों आरोपियों ने मिलकर वृद्धा की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद एक दिन तक लाश को घर में छिपाकर रखने के बाद उसे बोरे में बांधकर हनुमानजी के मंदिर के पास फेंक दिया था। इस हत्याकांड में शबाना के पिता फिरोज आलम ने भी साथ दिया था, जो हत्या के बाद अपने घर बिहार भाग गया था। हालांकि क्राइम ब्रांच ने सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर जांच तेज करते हुए घर से लाश बांधने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी जैसी चीजें बरामद की। परवेज और शबाना से कड़ी पूछताछ की गई तो दोनों ने अपराध कबूल कर लिया। फरार फिरोज आलम को बिहार STF की मदद से पटना रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने पुत्र परवेज, पुत्रवधू शबाना और उसके पिता फिरोज को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू की है।

कड़ियां जोड़कर पुलिस हत्यारों तक पहुंची

मर्डर मिस्ट्री कुछ महत्वपूर्ण कड़ियों के आधार पर सुलझाई गई। DCP भावेश रोजिया ने बताया कि सुबह 11 बजे अमरोली के कोसाड आवास में एच-2 पांचे हनुमानजी मंदिर के पास सफाई कर्मचारियों को एक बोरा मिला था। बोरा भारी लगने पर जांच करने पर उसके अंदर से एक शव मिला था। 55 वर्ष की महिला के हाथ-पैर पूरी तरह बंधे हुए थे और यह प्रथम दृष्टि में अनडिटेक्ट मर्डर का मामला लग रहा था।

आरोपी बहू और बेटा।
Image Source : REPORTER INPUTआरोपी बहू और बेटा।

इस केस में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह थी कि जिस बोरे में लाश बांधी गई थी, उसके हाथ-पैर बांधने के लिए जिस चिंदी के टुकड़े का उपयोग किया गया था, बिल्कुल वैसी ही रस्सी पुलिस को जांच के दौरान मृतक के घर से भी मिली थी। इससे पुलिस को पक्का शक हुआ कि हत्यारे घर के ही सदस्य हैं।

गुम होने की झूठी शिकायत

मृतक हमीदा खातून का छोटा बेटा परवेज खुद ही अमरोली पुलिस स्टेशन में यह एंट्री कराकर आया था कि उसकी मां “बाजार में कुछ लेने जाने की बात कहकर गायब हो गई है।” जब लाश मिली तो पुलिस को उसके बेटे के व्यवहार और बातों पर शक हुआ। क्राइम ब्रांच और अमरोली पुलिस की टीम ने जब परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू की तो उनके बयानों में विरोधाभास नजर आया। संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस ने परवेज और उसकी भाभी शबाना से गहन पूछताछ की, जिसमें वे टूट गए और अपराध कबूल कर लिया।

सामने आया CCTV फुटेज-

प्रेम संबंध और आर्थिक विवाद

पूछताछ में सामने आया कि परवेज और उसकी भाभी शबाना के बीच प्रेम संबंध था। सास हमीदा खातून इस बात को लेकर और पैसों के मामले में अक्सर झगड़ा करती थीं, जो हत्या का मुख्य कारण बना। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने शबाना के पिता फिरोज आलम को बिहार से बुलाया था और तीनों ने मिलकर हत्या की थी। फिरोज आलम बिहार भाग गया था, जिसे पटना रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया गया।

इस मामले में शबाना (मृतक की बहू), परवेज (मृतक का छोटा बेटा) और फिरोज आलम (शबाना के पिता) तीनों मुख्य आरोपी हैं। तीनों पुलिस कस्टडी में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।

(रिपोर्ट- शैलेष चांपानेरिया)

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