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Gujarat: पहले अपने कर्मचारियों को AAP के लिए प्रचार करने से रोका, फिर हीरा व्यपारी ने थामा बीजपी का दामन

 Published : Sep 28, 2022 06:26 pm IST,  Updated : Sep 28, 2022 06:26 pm IST

Gujarat: गुजरात में अपने कर्मचारियों को आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रचार करने से रोकने वाले हीरा व्यापारी इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं।

BJP Flag(File Photo)- India TV Hindi
BJP Flag(File Photo) Image Source : PTI

Highlights

  • आपके अधीन, गुजराती, मौजूदा नौकरी गंवा रहे हैं: AAP
  • "भाजपा लोगों की इच्छा दबाने की कोशिश कर रही है"
  • "लोकतंत्र में लोग पसंदीदा पार्टी का चुनाव करने के लिए स्वतंत्र हैं"

Gujarat: गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हवाएं काफी तेज हो गईं हैं। राज्य में अपने कर्मचारियों को आम आदमी पार्टी(AAP) का प्रचार करने से रोकने वाले एक हीरा व्यपारी ने विधानसभा चुनाव से  पहले भाजपा का दामन थाम लिया। सूरत के हीरा कारोबारी दिलीप धापा ने मंगलवार शाम को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय ‘श्री कमलम’ में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।  आम आदमी पार्टी ने इस कदम की आलोचना करते हुए दावा किया है कि भाजपा लोगों की इच्छा दबाने की कोशिश कर रही है। 

अपनी इच्छा से उठाया व्यापारी ने यह कदम

गुजरात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सी आर पाटिल ने अपने ट्विटर हैंडल से धापा के पार्टी में शामिल होने की तस्वीर साझा की। पाटिल ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने श्रीकमलम में सूरत के हीरा व्यापारी दिलीप धापा का भाजपा में स्वागत किया। उन्होंने अपने फैक्टरी के कर्मचारियों को रेवड़ी विक्रेता पार्टी के लिए प्रचार करने से रोका और चेतावनी दी कि ऐसा करता कोई मिलेगा तो उसे निकाल दिया जाएगा। उन्होंने यह कदम स्वेच्छा से उठाया था।’’ उल्लेखनीय है कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुजरात की सत्ता में आने पर लोगों के लिए कई मुफ्त की योजनाएं शुरू करने का वादा किया है। भाजपा उनके वादों को ‘रेवड़ी’ या मुफ्त का उपहार बता रही है। 

'यह समय गुजरातियों के लिए जागने का है'

AAP के राष्ट्रीय महासचिव इसुदान गढ़वी ने ट्वीट किया, ‘‘लोकतंत्र में लोग पसंदीदा पार्टी का चुनाव करने के लिए स्वतंत्र हैं। क्या आप गुजरात में लोगों के चुनाव के अधिकार को छीनने वालों और कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देने वालों को सम्मानित कर गुंडा राज लाना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कहां से आप ऐसी ओछी मानसिकता लाते हैं? एक ओर आप लोगों को नौकरी नहीं दे सकते। अब, आपके अधीन, गुजराती, मौजूदा नौकरी गंवा रहे हैं।’’ गढ़वी ने कहा कि यह समय गुजरातियों के लिए जागने का है।

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