गांधीनगरः भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए बनी सहमति के मद्देनजर गुजरात सरकार ने मंगलवार को अपने पिछले आदेश में ढील देते हुए विभागों के प्रशासनिक प्रमुखों को राज्य कर्मचारियों की छुट्टियां मंजूर करने का अधिकार दे दिया। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब विभिन्न विभागों के सभी प्रशासनिक प्रमुख कर्मचारियों की छुट्टियां मंजूर कर सकते हैं।
आपातकाल में छुट्टी की जा सकती है कैंसिल
अधिसूचना में कहा गया है कि अगर कोई आपातकालीन स्थिति पैदा होती है तो संबंधित विभागों या कार्यालयों के प्रमुख छुट्टियां रद्द भी कर सकते हैं और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर आना होगा। जरुरत पड़ने पर छुट्टी पर होने पर भी सभी कर्मचारियों को फोन या ईमेल के जरिए हर समय उपलब्ध रहना होगा।
9 मई की कैंसिल की गई थी छुट्टियां
बता दें कि 9 मई को गुजरात सरकार ने भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के मद्देनजर अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी थीं। जीएडी की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया था कि राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा ली गई सभी तरह की छुट्टियां, अपरिहार्य परिस्थितियों के लिए आवश्यक छुट्टियों को छोड़कर, तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। कर्मचारियों और अधिकारियों को तत्काल अपने-अपने काम पर लौटने और विभाग प्रमुख की पूर्व स्वीकृति के बिना मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए थे।
भूपेंद्र पटेल ने कही ये बात
वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह संदेश दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति से समझौता नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए निकाली गई 'तिरंगा यात्रा' के दौरान बोलते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस सैन्य अभियान ने राष्ट्रवाद की भावना को जगाया है। मुख्यमंत्री ने शहर के वडाज इलाके से शुरू हुई पैदल यात्रा में हिस्सा लिया और करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए आरटीओ सर्कल स्थित सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर समाप्त हुई।
इनपुट- पीटीआई