सूरत के न्यू सिविल अस्पताल में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक रेजिडेंट डॉक्टर ने परिसर स्थित बॉयज हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया है। घटना की जानकारी हेल्थ मिनिस्टर को मिलते ही एक कमिटी गठित की गई। कमिटी की रिपोर्ट में रैगिंग का मामला सामने आते ही 4 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया, जबकि 4 को शोकॉज नोटिस दिया गया है।
शनिवार को ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, बंद आ रहा था फोन
सूरत की न्यू सिविल अस्पताल में गुजरात के अरवल्ली जिले के मोडासा निवासी 29 वर्षीय हर्ष पंड्या अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रथम वर्ष के पोस्ट ग्रेजुएट छात्र होने के साथ-साथ रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत थे। शनिवार को हर्ष ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सीनियर डॉक्टरों ने मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन बंद आ रहा था। इसके बाद अन्य रेजिडेंट डॉक्टर को पीजी हॉस्टल के रूम नंबर 1005 में भेजा गया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर के दृश्य देख हड़कंप मच गया। डॉक्टर हर्ष का शव पंखे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही उच्च अधिकारी घटना स्थल पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
हेल्थ मिनिस्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने तत्काल डॉक्टर हर्ष की आत्महत्या के कारणों की जांच समिति का गठन कर तात्कालिक रिपोर्ट करने का आदेश जारी किया। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने मृतक डॉक्टर के पिता से सीधे फोन पर संपर्क कर उन्हें सांत्वना दी और मामले में उचित न्याय दिलाने का भरोसा दिया। कमिटी को भी स्वास्थ्य मंत्री ने आदेश दिया था कि मृतक डॉक्टर के साथ रैगिंग की कोई घटना हुई है या नहीं? इसके अलावा उन्हें किसी तरह परेशान या प्रताड़ित तो नहीं किया जा रहा था, इस पहलू की भी गहन जांच के आदेश दिए गए थे।

पूरे मामले की जांच अस्पताल के डीन ओर मेडिकल सुप्रीडेंट की निगरानी में शुरू की गई। एंटी रैगिंग स्क्वाड ने माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर डॉक्टर, फेकल्टी, टेक्नीशियन और सफाई कर्मचारियों की भी कड़ी पूछताछ की। रात 8.30 बजे से शुरू हुई जांच सुबह 4 बजे तक चली। जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर दिन ओर मेडिकल सुप्रिटेंडेंट को सौंपा गया।
डॉक्टर के पिता ने क्या कहा?
बताया जा रहा है कि डॉ. हर्ष पांड्या की 6 महीने पहले ही सगाई हुई थी। डॉक्टर पांड्या के पिता भी सर्जन है और हर्ष उनका इकलौत बेटा था। उन्होंने बताया कि हर्ष ने किसी बड़ी समस्या के बारे में तो बात नहीं की थी, लेकिन सीनियर डॉक्टरों से जुड़ी दिक्कतों का जिक्र ज़रूर किया था। बाद में, मौत के हालात पर शक होने पर परिवार ने फॉरेंसिक पोस्टमार्टम की मांग की। एक फॉरेंसिक पैनल ने जांच की और डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत फांसी लगाने से हुई थी।
इन 4 डॉक्टरों को किया सस्पेंड
कमिटी के रिपोर्ट के बाद चार रेजिडेंट डॉक्टरों को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। डॉ. निराली वसावे, डॉ. अनुज महेश्वरी, डॉ. दीक्षित घेवरिया और डॉ. हीना भूत को 6 माह के लिए सस्पेंड कर तत्काल हॉस्टल खाली करने, कोई भी शैक्षणिक कार्य में भाग नहीं लेना ओर तत्काल अस्पताल कैंपस छोड़ने का फरमान जारी किया गया।
साथ-साथ माइक्रोबायोलॉजी विभाग के हेड डॉ. सुमैया मुल्ला, डॉ. लतिका पुरोहित, डॉ. संगीता राजडे ओर डॉ. योगिता मिस्त्री को शोकॉज नोटिश देकर उनका भी खुलासा मांगा गया है।
(रिपोर्ट- शैलेष चांपानेरिया)
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