सिरदर्द और माइग्रेन से पीड़ित लोगों को ये समझने की जरूरत है कि ये किसी एक कारण से नहीं बल्कि कई बार छोटे-छोटे कारण की वजह से मिलकर ट्रिंगर होता है। हालांकि अच्छी बात ये है कि लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके माइग्रेन के दौरों को कम किया जा सकता है या इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है। एम्स ट्रेंड डॉक्टर प्रियंका सहरावत के अनुसार, माइग्रेन को कंट्रोल करने में खान-पान, शरीर में पानी की मात्रा, नींद और शारीरिक गतिविधि अहम भूमिका निभाती हैं। खासतौर से गर्मी के मौसम में आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
माइग्रेन की कुछ आम वजहें
डॉक्टर सहरावत ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो माइग्रेन के कुछ खास और आम कारणों के बारे में बता रही हैं।
- खाना छोड़ देना
- पूरी नींद न लेना
- तनाव
- स्क्रीन पर ज़्यादा समय बिताना, खासकर रात के समय
- मासिक धर्म चक्र में बदलाव
- धूप में निकलना
- बहुत ज़्यादा गर्मी में सफ़र करना
- प्रोसेस्ड और जंक फ़ूड
- आलस भरी जीवनशैली
- चॉकलेट और चीज़ जैसे खाद्य पदार्थ
गर्मी में माइग्रेन को कम कैसे करें
गर्मियों में होने वाला सिरदर्द कुछ अलग ही तरह का होता है। खासकर लू के दिनों में, जब कुछ मिनटों के लिए भी बाहर निकलना थका देने वाला लगता है। जिन लोगों को पहले से ही माइग्रेन की समस्या है, उनके लिए बढ़ता तापमान अक्सर स्थिति को और भी बदतर बना देता है। तेज धूप, पानी की कमी, अधूरी नींद, खाना न खाना, स्क्रीन का ज़्यादा इस्तेमाल और गर्मी से होने वाली थकावट। ये सभी चीज़ें धीरे-धीरे मिलकर माइग्रेन का दौरा शुरू कर सकती हैं।
-
खाने का समय नियमित रखें- डॉक्टर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि माइग्रेन से पीड़ित लोगों को हर दिन अपने खाने का समय एक जैसा रखने की कोशिश करनी चाहिए। खाना न खाने से कई लोगों को आसानी से सिरदर्द हो सकता है। वह खाने का एक नियमित शेड्यूल अपनाने की सलाह देती हैं। जैसे सुबह 9 बजे नाश्ता, दोपहर 2 बजे लंच और रात 8 बजे के आसपास डिनर करना चाहिए।
-
शरीर में पानी की कमी न होने दें- गर्मियों में शरीर में पानी की कमी न होने दें। लू के दिनों में शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना खास तौर पर ज़रूरी हो जाता है। इसके लिए रोजाना लगभग 2-3 लीटर पानी पीएं। हालांकि जिन लोगों को दिल या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, उन्हें पानी का सेवन काफी ज्यादा बढ़ाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
-
ज़्यादा प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ खाएं- डॉक्टर सहरावत माइग्रेन के लिए फ़ायदेमंद डाइट के हिस्से के तौर पर प्रोटीन का सेवन बढ़ाने की भी सलाह देती हैं। इसके लिए आप खाने में टोफू, पनीर, क्विनोआ, बादाम, दालें, अंडे, चने, ग्रीक योगर्ट खाएं।
-
प्रोसेस्ड और डीप-फ्राई खाने से बचें- आपको सैचुरेटेड और ट्रांस फैट वाले खाने से दूर रहना चाहिए। कुछ लोगों में माइग्रेन के लक्षण इससे और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रोसेस्ड, पैकेट वाले और डीप-फ्राई किए हुए खाने की चीज़ों का सेवन जितना हो सके कम करें।
-
खाली पेट चाय या कॉफ़ी पीने से बचें- डॉक्टर ने सुबह सबसे पहले खाली पेट चाय या कॉफ़ी पीने के प्रति भी आगाह किया। इसके बजाय, उन्होंने गर्मियों में नारियल पानी को एक बेहतर विकल्प के तौर पर सुझाया, क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी को प्राकृतिक रूप से पूरा करने में मदद कर सकता है।
-
कद्दू के बीज खाएं- डाक्टर ने बताया कि रोजाना लगभग 10 कद्दू के बीज खाने से माइग्रेन को कंट्रोल करने में भी फायदा मिल सकता है।
-
जूस के बजाय साबुत फल खाएं- न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, पैकेट वाले या फलों के जूस के मुकाबले साबुत फल कहीं ज़्यादा बेहतर विकल्प हैं।
-
फल और सब्जियां ज्यादा खाएं- संतुलित डाइट के हिस्से के तौर पर रोजाना लगभग 400 ग्राम फल और सब्जियां खानी चाहिए। इससे पेट सही रहेगा और सिर दर्द भी कम होगा।
-
मीठे ड्रिंक्स और शराब से बचें- मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और शराब भी कुछ लोगों में माइग्रेन के लक्षणों को और बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने सलाह दी कि गर्मियों में जिन ड्रिंक्स में अतिरिक्त चीनी मिली हो, उनका सेवन जितना हो सके कम करें।
-
चीनी का सेवन कम करें- डॉक्टर सहरावत ने बताया कि ज़्यादा चीनी खाने से कुछ लोगों में माइग्रेन की समस्या शुरू हो सकती है। उन्होंने खास तौर पर चॉकलेट और चीज़ जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने की सलाह दी।
व्यायाम है जरूरी
खान-पान में बदलाव के अलावा आपको फिजिकली एक्टिव रहना भी जरूरी है। इसके लिए आप वॉक, जॉगिंग, दौड़ना, तैरना, नाचना या ज़ुम्बा जैसे एरोबिक वर्कआउट कर सकते हैं। इससे समय के साथ माइग्रेन के लक्षणों को कम किया जा सकता है।