सोते समय अचानक ऐसा लगा जैसे आप ऊंचाई से गिर रहे हैं और शरीर में जोर का झटका लगता है? हाथ-पैर झटक जाते हैं और अचानक से नींद खुल जाती है। ये समस्या ज्यादातर लोगों के साथ होती है। मेडिकल भाषा में इसे Hypnic Jerk या Sleep Start कहते हैं। यह तब होता है जब हम जागने की अवस्था से नींद की अवस्था में जा रहे होते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि क्या ये किसी बीमारी का संकेत तो नहीं। डॉ. जयदीप बंसल, प्रधान निदेशक एवं एचओडी न्यूरोलॉजी, फोर्टिस, शालीमार बाग से जानेंगे कि ये नॉर्मल है या किसी बीमारी का संकेत।
क्या कहते हैं डॉक्टर
ज्यादातर लोगों में यह पूरी तरह सामान्य होता है और किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। अब आप कहेंगे कि फिर ये झटके क्यों लगते हैं। तो इसका जवाब है जब हमारा दिमाग जागने से नींद में शिफ्ट होता है, तो कभी-कभी मांसपेशियों और दिमाग के बीच गलत सिग्नल चला जाता है। दिमाग इसे गिरने का संकेत समझ लेता है और शरीर को जगाने के लिए अचानक झटका दे देता है।
ये झटके बढ़ जाते हैं जब:
- नींद पूरी नहीं हो रही हो या स्लीप साइकल बिगड़ा हो
- तनाव, चिंता या ज्यादा थकान हो
- शाम को ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन लिया हो
- सोने से ठीक पहले मोबाइल, लैपटॉप या स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल किया हो
- देर रात तक जागना या अनियमित समय पर सोना
कब इसे हल्के में न लें?
अगर झटके कभी-कभी आते हैं, तो चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर ये बार-बार आ रहे हैं, हर रात नींद तोड़ रहे हैं, और दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन या नींद की कमी महसूस हो रही है, तो कारण जानना जरूरी है। कुछ मामलों में बार-बार होने वाली अनैच्छिक गतिविधियां दौरे, रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम, पीरियोडिक लिम्ब मूवमेंट डिसऑर्डर
या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती हैं।
कब डॉक्टर से करें संपर्क?
अगर चक्कर के साथ बेहोशी, जीभ कट जाना, पेशाब पर नियंत्रण न रहना, उठने के बाद भ्रम या याददाश्त में गड़बड़, दिन के समय भी बिना नींद के झटके आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
झटकों से बचने के लिए क्या करें?
- रोज एक ही समय पर सोएं और उठें।
- 7-8 घंटे की पूरी नींद लें।
- शाम 6 बजे के बाद चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक से बचें।
- सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल और स्क्रीन बंद कर दें।
- सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग, गहरी सांस या रिलैक्सेशन करें।