अधिकतर लोग कान की सफाई के लिए इयरबड्स या कॉटन स्वैब्स का इस्तेमाल करते हैं। यह आदत आम जरूर है, लेकिन सही नहीं। कई बार लोग सोचते हैं कि इयरबड्स से कान के अंदर जमी मैल – ईयरवैक्स को साफ करना ज़रूरी है, जबकि सच्चाई यह है कि कान को साफ़ करने की कोई जररूरत नहीं होती है और यह आदत आपके कान को नुकसान पहुंचा सकती है। दिल्ली में स्थित पीएसआरआई अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट (ईएनटी), डॉ. मीना अग्रवाल बता रही हैं कि क्यों इयरबड्स का इस्तेमाल कान साफ करने के लिए नहीं करना चाहिए?
क्यों नहीं करना चाहिए इयरबड्स का इस्तेमाल?
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ईयरवैक्स कोई गंदगी नहीं है: सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ईयरवैक्स यानी कान का मैल, शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है। यह एक तरह का सुरक्षा कवच भी है जो धूल, कीटाणु और अन्य हानिकारक तत्वों से कान को बचता है। ईयरवैक्स में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कान को संक्रमण से बचाते हैं।
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इयरबड्स से मैल और अंदर चला जाता है: जब आप इयरबड्स से कान की सफाई करने की कोशिश करते हैं, तो ज्यादातर मामलों में वैक्स बाहर निकलने के बजाय और अंदर की ओर धकेल दिया जाता है। इससे कान का रास्ता बंद हो सकता है और सुनने में परेशानी हो सकती है।
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कान के पर्दे को हो सकता है नुकसान: इयरबड्स का बार-बार और गहराई तक इस्तेमाल करने से ईयरड्रम (कान का परदा) को नुकसान पहुंच सकता है कभी कभी कान का पर्दा भी फट सकता है । इससे दर्द, सूजन या यहां तक कि सुनने की शक्ति में कमी आ सकती है।
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संक्रमण का खतरा: गंदे या बार-बार इस्तेमाल किए गए इयरबड्स से कान में बैक्टीरिया जा सकते हैं, जिससे फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है।
कान की सफाई कैसे करें?
कान को सफाई की जररूरत नहीं है कान की रचना इस प्रकार है कि कान खुद-ब-खुद एक्सेस ईयरवैक्स को धीरे-धीरे बाहर निकाल देते हैं। अगर बहुत ज्यादा वैक्स जमा हो गया हो या वैक्स बनने कि टेन्डेन्सी हो या सुनाई देना कम हो रहा हो, तो ENT स्पेशलिस्ट से मिलें। वे सेफ तरीके से सफाई कर सकते हैं। सिर्फ डॉक्टर द्वारा सुझाए गए ईयर ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन बिना सलाह के कुछ भी न डालें।
इयरबड्स से कान साफ करना एक आम लेकिन हानिकारक आदत है। यह कान की सुरक्षा एवं कार्य प्रणाली को बिगाड़ सकता है और कई बार स्थायी नुकसान भी पहुंचा सकता है।