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इन दालों के ज़्यादा सेवन से बढ़ सकती है पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या, तुरंत करें डाइट से बाहर

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Oct 28, 2024 01:28 pm IST,  Updated : Oct 28, 2024 02:28 pm IST

आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन कुछ दाल का सेवन करने से पेट में गैस बनने लगती है। चलिए हम आपको बताते हैं पेट को फूलने से बचाने के लिए आपको किन दाल को नहीं खाना चाहिए?

 कौन सी दाल गैस का कारण बनती है?- India TV Hindi
कौन सी दाल गैस का कारण बनती है? Image Source : SOCIAL

ज़्यादातर लोगों को खाने के बाद पेट फूलने या ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है। पेट फूलने के बाद कई बार खट्टी डकार या जलन होने लगती है। ऐसी स्थिति में लोग बेहद परेशान हो जाते हैं। बता दें ब्लोटिंग या गैस के पीछे दाल का सेवन भी हो सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन कुछ दाल का सेवन करने से पेट में गैस बनने लगती है। ऐसे में जो लोग ब्लोटिंग या गैस की समस्या से पपरेशान होते हैं उन्हें इन दालों का सेवन नहीं करना चाहिए। चलिए हम आपको बताते हैं पेट को फूलने से बचाने के लिए आपको किन दाल को नहीं खाना चाहिए?

गैस होने पर इन दाल का न करें सेवन:

  • चना दाल: ​चने की दाल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। लेकिनप्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह दाल पेट में गैस बनाती है और ब्लोटिंग की समस्या को तेजी से बढ़ाती है। ऐसे में जिन लोगों को गैस की समस्या होती है उन्हें इस दाल को कम खाने की सलाह दी जाती है।

  • उड़द की दाल: गैस की संसय से परेशान लोगों को काली उड़द की दाल नहीं खानी चाहिए। यह दाल आसानी से पचती नहीं है। ऐसी में इस दाल का सेवन करने से कब्ज, पेट में गैस, ब्लोटिंग की परेशानी हो सकती है। 

  • मसूर की दाल: मसूर दाल भी पेट की कई परेशानियों का कारण बनती है। इसे खाने से ब्लोटिंग और गैस की समस्या बढ़ सकती है।

गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इन चीज़ों का भी रखें ध्यान:

  • खाना चबाकर खाएं: खाने के छोटे-छोटे टुकड़े बड़े टुकड़ों की तुलना में पचाने में आसान होते हैं, जिससे यह संभावना कम हो जाती है कि रात का खाना आपके पेट में ज़्यादा देर तक रहेगा।

  • हाइड्रेटेड रहें:  आपको गैस और ब्लोटिंग का सामना न करना पड़े इसलिए अपनी बॉडी को हाइड्रेटेड रखें। ज़्यादा पानी पीने से आपके जीआई ट्रैक्ट में चीज़ें ठीक से काम करती हैं। 

  • ज़्यादा न खाएँ:  बहुत ज़्यादा खाने से पाचन तंत्र ओवरलोड हो जाता है इसलिए खानपान में होने वाले बदलावों के प्रति सचेत रहें। आपका शरीर एक हद तक आपके खाने के हिसाब से खुद को ढाल लेता है। लेकिन अगर आप अचानक अलग-अलग तरह के खाद्य पदार्थ खाने लगते हैं, तो पाचन तंत्र इस बदलाव को संभालने में संघर्ष करता है। 

 

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