1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. क्या होता है एनालॉग पनीर, महाराष्ट्र में हुआ बैन, सेहत को लेकर क्यों चिंतित हैं डॉक्टर

क्या होता है एनालॉग पनीर, महाराष्ट्र में हुआ बैन, सेहत को लेकर क्यों चिंतित हैं डॉक्टर

 Written By: Bharti Singh
 Published : Aug 10, 2026 03:11 pm IST,  Updated : Aug 10, 2026 03:11 pm IST

शाकाहारी लोगों को खाने में पनीर सबसे ज्यादा पसंद होता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में पनीर में धड़ल्ले से मिलावट की जा रही है। इन दिनों बाजार में एनालॉग पनीर भी बिक रहा है जिसे महाराष्ट्र में पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। जानिए क्या होता है एनालॉग पनीर, इसके नुकसान क्या है और पहचान कैसे करें?

एनालॉग पनीर क्या है- India TV Hindi
एनालॉग पनीर क्या है Image Source : MAGNIFIC

प्रोटीन के नाम पर लोग भर-भरकर पनीर खा रहे हैं। कुछ स्पेशल सब्जी बनानी हो तो पनीर का नाम सबसे ऊपर होता है। हाई प्रोटीन और कैल्शियम जैसे गुणों से भरपूर पनीर को लोग सेहतमंद मानकर खाते हैं। फिर चाहे होटल और ढाबे पर बिकने वाला पनीर हो या घर में बनी पनीर की सब्जी हो, ज्यादातर लोग इसे दूध से बना मानकर ही खाते हैं। लेकिन इन दिनों मिलावटी पनीर बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। नकली पनीर को दूध से नहीं बल्कि कुछ ऐसी हानिकारक चीजों से बनाया जाता है जो सेहत को फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचा रही हैं।

हाल ही में महाराष्ट्र एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला राज्य बन गया है। यह कदम तब उठाया गया जब लोगों को बिना बताए नॉन-डेयरी पनीर को नॉर्मल पनीर बताकर बेचा जा रहा है। आइये जानते हैं कि आखिर एनालॉग पनीर क्या होता है। इससे सेहत को क्या नुकसान होता है?

एनालॉग पनीर क्या होता है?

फरीदाबाद के अमृता अस्पताल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉक्टर महेंद्र सिंह राजपूत के अनुसार, पारंपरिक पनीर दूध से बनता है और इसमें नेचुरल प्रोटीन, कैल्शियम और दूसरे जरूरी डेयरी तत् होते हैं। वहीं एनालॉग पनीर आमतौर पर दूध के बजाय वनस्पति वसा, स्टार्च, इमल्सीफायर और खाद्य योजकों का उपयोग करके तैयार किया जाता है।

भारत में पनीर को हमेशा से ही हाई प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता रहा है। लेकिन आजकल बहुत सारे लोग पनीर नहीं बल्कि नकली पनीर खा रहे हैं। रेस्टोरेंट और होटल में मिलने वाला पनीर असली है या नकली ये पता करना आम लोगों को लिए मुश्किल है। ये पनीर दूध से तैयार पनीर के मुकाबले सस्ता होता है। सबसे बड़ी समस्या है कि इसका स्वाद नॉर्मल पनीर जैसा ही होता है। इसलिए खाने पर भी लोगों को पता नहीं चलता कि वो क्या खा रहे हैं। फूड रेगुलेटर्स ऐसे पनीर पर साफ लेबलिंग के लिए दवाब बना रहे हैं। जिससे इस तरह के पनीर की पहचान हो सके।

नकली पनीर के नुकसान 

डॉक्टर ने बताया कि असली और नकली पनीर के बीच पोषण से जुड़ा काफी अंतर हो सकता है। पारंपरिक तरीके से बनाया गया पनीर आपको दूध में मौजूद सभी प्रोटीन, कैल्शियम और डेयरी के प्राकृतिक पोषक तत्व देता है। नकली पनीर में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है। इसमें रिफाइंड स्टार्च और लो क्वालिटी वाला वेजिटेबल फैट हो सकता है। इससे कैलोरी की मात्रा बढ़ सकता है, जबकि इसमें पोषण न के बराबर होता है। डॉक्टर ने फूड कंट्रोल नामक पत्रिका में प्रकाशित रिसर्च का हवाला दिया, जिसमें पनीर में मिलावट का जिक्र किया गया। इस तरह के पनीर माइक्रोबाइल और केमिकल कंटेमिनेशन का खतरा पैदा करता है। खासतौर से बच्चों के लिए ये पनीर बहुत हानिकारक होता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।