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क्या असर पड़ता है आपके शरीर पर जब आप फ्रोजन पिज्जा, रेडी-टू-ईट जैसे भोजन खाते हैं? नए शोध में हुआ खुलासा

 Reported By: IANS Edited By: Sushma Kumari
 Published : Nov 07, 2022 11:38 pm IST,  Updated : Nov 07, 2022 11:38 pm IST

अक्सर लोग फ्रोजन पिज्जा, प्री-पैकेज्ड सूप, सॉस, रेडी-टू-ईट भोजन खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता सकता है? आइए जानते हैं।

पिज्जा- India TV Hindi
पिज्जा Image Source : FREEPIK

आजकल के समय में फास्ट फूड का चलन बढ़ गया है। इसकी एक मुख्य वजह ऑनलाइन सेवाएं भी है। पिज्जा-बर्गर, रेडी-टू-ईट जैसे भोजन इन दिनों  आम बात है। फिर चाहें वो महंगा ही क्यों न हो। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता सकता है? एक नए शोध के अनुसार, प्री-पैकेज्ड सूप, सॉस, फ्रोजन पिज्जा और रेडी-टू-ईट भोजन जैसे अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो का रोजाना सेवन आपको जल्दी मार सकता है। यह शोध 2019 में ब्राजील में समय से पहले रोके जा सकने वाली 10 प्रतिशत से अधिक मौतों के सिलसिले में किया गया है। अमेरिकन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा है कि अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो में से कोई संपूर्ण खाद्य पदार्थ नहीं होता है, यही वजह है कि 2019 में ब्राजील में 57,000 लोगों की समय से पहले मौत हो गई।

 

ऐसे रेडी-टू-ईट-या-हीट औद्योगिक फॉर्मूलेशन, जो खाद्य पदार्थो से निकाले गए अवयवों से बने होते हैं या प्रयोगशालाओं में संश्लेषित होते हैं, धीरे-धीरे कई देशों में पारंपरिक खाद्य पदार्थो और ताजा व न्यूनतम संसाधित सामग्री से बने भोजन की जगह ले रहे हैं। साओ पाउलो विश्वविद्यालय के प्रमुख अन्वेषक, एडुआडरे ए.एफ. निल्सन ने कहा, "पिछले मॉडलिंग अध्ययनों ने सोडियम, चीनी और ट्रांस वसा, और विशिष्ट खाद्य पदार्थ या पेय, जैसे चीनी मीठे पेय पदार्थो के स्वास्थ्य और आर्थिक बोझ का अनुमान लगाया है।'

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उन्होंने कहा, "हमारी जानकारी में आज तक किसी भी शोध में समय से पहले होने वाली मौतों के कारण के तौर पर अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो के प्रभाव का अनुमान नहीं लगाया है। इन खाद्य पदार्थो की खपत के कारण होने वाली मौतों के बारे में जानना जरूरी है। आहार पैटर्न में परिवर्तन बीमारी और समयपूर्व मौतों को रोक सकते हैं।"

अतिप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो के उदाहरण हैं- पैक सूप, सॉस, फ्रोजन पिज्जा, पहले से तैयार भोजन, हॉट डॉग, सॉसेज, सोडा, आइसक्रीम और स्टोर से खरीदे गए कुकीज, केक, कैंडी और डोनट्स। शोध की अवधि के दौरान सभी आयु समूहों और लिंग वर्गो में अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो की खपत ब्राजील में कुल भोजन सेवन का 13 प्रतिशत से 21 प्रतिशत तक थी। 2019 में 30 से 69 वर्ष की आयु के कुल 5,41,260 वयस्कों की समय से पहले मौत हो गई, जिनमें से 2,61,061 रोके जाने योग्य, गैर-संचारी रोगों से थे।

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शोध में पाया गया कि उस वर्ष लगभग 57,000 मौतों को अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो की खपत के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो सभी समय से पहले होने वाली मौतों का 10.5 प्रतिशत और 30 से 69 वर्ष की आयु के वयस्कों में रोकथाम योग्य गैर-संचारी रोगों से होने वाली सभी मौतों का 21.8 प्रतिशत है।शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि अमेरिका, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे उच्च आय वाले देशों में, जहां अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कुल कैलोरी सेवन के आधे से अधिक खाते हैं, अनुमानित प्रभाव और भी अधिक होगा।

अतिप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थो की खपत को कम करने और स्वस्थ भोजन विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए कई हस्तक्षेपों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की जरूरत हो सकती है। निल्सन ने कहा, 'अल्ट्राप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो का सेवन मोटापे, हृदय रोग, मधुमेह, कुछ कैंसर और अन्य बीमारियों, जैसे कई रोग परिणामों से जुड़ा है, और यह ब्राजील के वयस्कों में रोकथाम योग्य और समय से पहले होने वाली मौतों का एक महत्वपूर्ण कारण दर्शाता है।'

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