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CPR कब देना चाहिए और कब नहीं? जानें जान बचाने का सही तरीका

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 10, 2026 01:33 pm IST,  Updated : Oct 10, 2026 01:33 pm IST

जब किसी को हार्ट अटैक आता है तो उसे तुरंत सीपीआर देने की सलाह दी जाती है। लेकिन सवाल ये है कि सीपीआऱ कब देना चाहिए औ कब नहीं देना चाहिए।

CPR कब देना चाहिए और कब नहीं? जानें जान बचाने का सही तरीका- India TV Hindi
CPR कब देना चाहिए और कब नहीं? जानें जान बचाने का सही तरीका Image Source : MAGNIFIC

कार्डियक अरेस्ट यानी हृदय गति रुकने की स्थिति अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसे समय में सही कदम उठाना किसी की जान बचा सकती है। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जो हृदय के प्रभावी ढंग से ब्लड पंप न कर पाने या धड़कन रुक जाने की स्थिति में मस्तिष्क और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ब्लड पहुंचाने में मदद करती है। हालांकि, यह जानना भी जरूरी है कि CPR कब देना चाहिए और इसे सही तरीके से कैसे दिया जाए। डॉ. मलरविझी संजीवी,हेड, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग, फोर्टिस हॉस्पिटल, बन्नेरघट्टा रोड, बेंगलुरु बता रहे हैं सीपीआर देने का सही तरीका।

CPR कब देना चाहिए?

यदि कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, आवाज देने और कंधे पर हल्के से थपथपाने पर कोई प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत CPR शुरू करना चाहिए। ध्यान रखें कि कभी-कभी व्यक्ति की सांसें अनियमित हो सकती हैं या वह हांफता हुआ दिखाई दे सकता है। ऐसी सांसों को सामान्य नहीं मानना चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आसपास का वातावरण सुरक्षित है। इसके बाद व्यक्ति की पल्स जांचें। तुरंत आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर कॉल करें या किसी अन्य व्यक्ति से मदद के लिए फोन करने और उपलब्ध होने पर ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) लाने को कहें। मेडिकल सहायता आने का इंतजार करते हुए CPR शुरू करने में देरी न करें।

वयस्क व्यक्ति को CPR देते समय एक हाथ की हथेली का निचला हिस्सा छाती के बीचोंबीच रखें और दूसरे हाथ को उसके ऊपर रखें। अपनी कोहनियों को सीधा रखते हुए छाती पर जोर से और तेजी से दबाव डालें। एक मिनट में 100 से 120 बार छाती दबाने की कोशिश करें। हर बार छाती को लगभग 5 से 6 सेंटीमीटर तक दबाएं और दबाव छोड़ने के बाद उसे सामान्य स्थिति में वापस आने दें। यदि आप प्रशिक्षित हैं और मुंह से सांस देने में सहज हैं, तो 30 बार छाती दबाने के बाद दो बार रेस्क्यू ब्रीद्स यानी कृत्रिम सांस दें। यदि आप ऐसा करने में प्रशिक्षित नहीं हैं या सहज महसूस नहीं करते, तो केवल छाती दबाकर CPR देना भी मददगार है।

CPR कब नहीं देना चाहिए?
यदि व्यक्ति होश में है, प्रतिक्रिया दे रहा है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे CPR देने की जरूरत नहीं होती। ऐसी स्थिति में उसकी परेशानी को पहचानें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की मदद लें। यदि कोई व्यक्ति बेहोश है, लेकिन सामान्य रूप से सांस ले रहा है और उसकी नाड़ी मौजूद है, तो छाती पर दबाव नहीं डालना चाहिए। तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाएं और उसकी सांसों पर लगातार नजर रखें। यदि कोई चोट या अन्य बाधा नहीं है और ऐसा करना सुरक्षित है, तो उसे करवट के बल रिकवरी पोजिशन में लिटाया जा सकता है, ताकि सांस लेने में परेशानी न हो।

यदि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक का संदेह है, लेकिन वह होश में है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे CPR देने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उसे तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि उसकी स्थिति बिगड़ जाए, वह बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर दे, तो तुरंत CPR शुरू करें।

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