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15 दिन तक सिर्फ पानी पीकर महिला ने घटाया 20 किलो वजन, अब मानसिक विकार और पेंगुइन जैसी हो गई है चाल

 Written By: Bharti Singh
 Published : Aug 26, 2026 12:31 pm IST,  Updated : Aug 26, 2026 12:56 pm IST

चीन में एक महिला ने वाटर फास्टिंग से 15 दिन में 20 किलो वजन कम किया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार अब महिला कई तरह के मानसिक और शारीरिक विकारों से जूझ रही है। डॉक्टर से जानते हैं बिना खाए इस तरह वजन कम करने से शरीर पर क्या असर होता है?

सिर्फ पानी पीने से शरीर पर असर- India TV Hindi
सिर्फ पानी पीने से शरीर पर असर Image Source : INDIA TV

आजकल तेजी से वजन कम करने के लिए लोग क्रैश डाइट और फास्टिंग को फॉलो करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई तरह के ट्रेंड वायरल होते रहते हैं। चीन की पारंपरिक ‘बिगू (Bigu) डाइट’, जिसमें लंबे समय तक खाना छोड़कर केवल पानी पीकर रहते हैं, ये डाइट भी इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में चीन की एक 31 साल की महिला का मामला सामने आया, जिसने लगभग 15 दिनों तक सिर्फ पानी पीकर करीब 20 किलो वजन कम किया है। लेकिन इस फास्टिंग से उसे याददाश्त में परेशानी और चलने में दिक्कत जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो गईं। डॉक्टरों ने उसे Wernicke’s encephalopathy से पीड़ित बताया, जो विटामिन B1 यानी थायमिन की गंभीर कमी से होने वाला मस्तिष्क संबंधी विकार है। डॉक्टर राजीव चौधरी (डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, यशार्थ अस्पताल, फरीदाबाद सेक्टर 20) से जानते हैं बिगू डाइट से क्या असर पड़ता है?

15 दिनों में 20 किलो वजन कम होना सामान्य नहीं

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि 15 दिनों में 20 किलो वजन कम होना स्वस्थ या सामान्य वजन घटाने का संकेत नहीं है। लंबे समय तक भोजन न मिलने पर शरीर पहले अपने ग्लाइकोजन भंडार का इस्तेमाल करता है और फिर ऊर्जा के लिए वसा के साथ-साथ मांसपेशियों को भी तोड़ना शुरू कर देता है। रिसर्च में 5 से 20 दिनों के लंबे उपवास के दौरान वजन कम होने के साथ लीन मास यानी मांसपेशियों और दूसरे लीन टिशूज के नुकसान की भी बात सामने आई है। इसलिए तेजी से घटता वजन हमेशा शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होने का मतलब नहीं होता। इसमें पानी, ग्लाइकोजन, मांसपेशियां और दूसरे टिशूज भी शामिल हो सकते हैं।

शरीर को सिर्फ पानी नहीं, पोषक तत्व भी चाहिए

पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन पानी अकेले शरीर की पोषण जरूरतों को पूरी नहीं कर सकता। लंबे समय तक खाना न खाने से प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है। खासतौर पर विटामिन B1 (थायमिन) की कमी मस्तिष्क के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। वर्निके एन्सेफैलोपैथी (Wernicke’s encephalopathy) में व्यक्ति को भ्रम, याददाश्त में परेशानी, संतुलन बिगड़ना, चलने में दिक्कत और आंखों की असामान्य गतिविधियां जैसे लक्षण हो सकते हैं। लंबे समय तक फास्टिंग के बाद ऐसे मामले मेडिकल हिस्ट्री में भी दर्ज किए गए हैं। 

फास्टिंग से पेंगुइन जैसी हुई महिला की चाल

चीन में हुई इस घटना में महिला की चाल डॉक्टरों को ‘पेंगुइन जैसी’ दिखाई दी। यह वास्तव में कोई अलग बीमारी नहीं, बल्कि शरीर के संतुलन और कॉर्डिनेशन पर पड़े न्यूरोलॉजिकल असर को दिखाता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इलेक्ट्रोलाइट्स बिगड़ने से दिल और दिमाग पर असर

15 दिनों तक खाना न खाने से शरीर में पोटैशियम, मैग्नीशियम और फॉस्फेट जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इनका संतुलन बिगड़ने पर कमजोरी, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन, धड़कन में गड़बड़ी और गंभीर परिस्थितियों में दिल संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं। लंबे समय तक वाटर फास्टिंग से इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होने लगते हैं। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर कम हो सकते हैं। कुछ लोगों में बहुत कमजोरी, सिर घूमना या बेहोशी तक हो सकती है।

मानसिक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को हल्के में न लें

लंबे समय तक खाना न खाने से केवल शरीर पर नहीं बल्कि दिमाग पर भी बुरा असर पड़ सकता है। थायमिन की कमी से वर्निके एन्सेफैलोपैथी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। शुरुआत में व्यक्ति को भ्रम, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में परेशानी, याददाश्त में कमी या कई बार असामान्य व्यवहार होता है। बाद में इसमें चलने और बैलेंस बनाने में समस्या हो सकती है। इसलिए अगर कोई इंसान लंबे समय तक उपवास यानि फास्टिंग करता है तो ये शरीर के लिए ठीक नहीं है।

सबसे बड़ा खतरा फास्टिंग खत्म करने के बाद

लंबे समय तक भूखे रहने के बाद अचानक ज्यादा खाना शुरू करना भी खतरनाक हो सकता है। इसे री-फीडिंग सिंड्रोम कहा जाता है। लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर में कई इलेक्ट्रोलाइट और पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। फिर जब अचानक खाना मिलता है तो इंसुलिन बढ़ने के साथ फॉस्फेट, पोटैशियम और मैग्नीशियम तेजी से कोशिकाओं के अंदर चले जाते हैं। इससे गंभीर इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। ये दिल, फेफड़ों और दिमाग पर असर डाल सकता है। इसलिए फास्टिंग खत्म करते वक्त डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

वजन घटाने का सही तरीका क्या है?

वजन कम करने का सही तरीका तेजी से वजन घटाना नहीं होना चाहिए। आपका टारगेट होना चाहिए शरीर पर जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करना, मसल्स को सुरक्षित रखना और शरीर को भरपूर पोषण देना। इसके लिए बैलेंस कैलोरी, प्रोटीन, सब्जियां, फल, साबुत अनाज, जरूरी फैट, भरपूर पानी और नियमित फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा असरदार और फायदेमंद तरीका है। अगर तेजी से वजन घटाना चाहते हैं तो किसी डॉक्टर या अच्छे डाइटिशियन की निगरानी में ही करें। सिर्फ पानी पीकर 15 दिन में 20 किलो वजन कम करना आपको बीमार बना सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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