श्रीनगर: कश्मीर घाटी में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की भारतीय सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद भड़की हिंसा एक सप्ताह बाद शनिवार को भी जारी है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शनिवार को राज्य सरकार ने कई स्थानीय समाचार पत्रों के कार्यालयों पर छापेमारी की और केबल टीवी का प्रसारण भी रोक दिया गया, जिससे घाटी में मीडिया ब्लैकआउट की स्थिति बन गई।
इस बीच पुलिस से हुई ताजा झड़प में शनिवार को एक और नागरिक की मौत हो गई। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया, "उत्तरी कश्मीर में कई जगहों पर रुक-रुक कर पथराव की छिटपुट घटनाएं हुईं।" कुपवाड़ा जिले के हाटमुला गांव में भीड़ ने एक पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया, "स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए की गई कार्रवाई में तीन व्यक्ति घायल हुए। घायलों में से एक व्यक्ति की जख्म अधिक होने से मौत हो गई।" इसके साथ ही बीते एक सप्ताह में कश्मीर में जारी हिंसक प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 42 हो गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी कश्मीर के एक गांव में संदिग्ध आतंकवादियों की गोलीबारी में दो व्यक्ति घायल हुए हैं। घायलों में से एक व्यक्ति गिरफ्तार किए गए मृत हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के सहयोगी का रिश्तेदार है।
इस बीच राज्य सरकार ने कश्मीर में चल रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शनों की खबर करने पर प्रत्यक्षत: रोकथाम लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार रात कई प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारकर उर्दू और अंग्रेजी के बड़े अखबारों की प्रतियां जब्त कर लीं।
अखबारों के संपादकों और मालिकों ने इसके बाद एक बैठक में राज्य सरकार की इस कार्रवाई को 'प्रेस की आजादी पर हमला' करार दिया और 'हर कीमत पर इसके खिलाफ लड़ने' का संकल्प लिया।
संपादकों ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि वे राज्य सरकार से इस संबंध में बातचीत करेंगे, लेकिन एक प्रवक्ता ने उन्हें बताया कि 'घाटी में शांति बहाली को रोकने के लिए गंभीर हिंसा की शंका से अगले तीन दिनों तक सख्त कर्फ्यू लागू रहेगा।' राज्य सरकार के प्रवक्ता ने श्रीनगर के संपादकों को बताया कि ऐसी परिस्थिति में 'मीडियाकर्मियों का आवागमन और अखबारों का वितरण नहीं हो सकेगा।'
संपादकों ने सरकार के इस कदम को 'निंदनीय' कहा है। सरकार की कार्रवाई की वजह से श्रीनगर के अधिकांश अखबार नहीं छप सके और जिन अखबारों की प्रतियां छप गई थीं उन्हें जब्त कर लिया गया। प्रकाशकों ने अपनी-अपनी वेबसाइटों पर दावा किया कि उनकी मुद्रित प्रतियां जब्त कर ली गईं और प्रिंटिंग प्रेस के लिए काम करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
समाचार पत्र 'ग्रेटर कश्मीर' की वेबसाइट की एक रिपोर्ट में कहा गया, "पुलिसकर्मियों ने 'ग्रेटर कश्मीर' के मुद्रण के लिए तैयार की गई प्लेटों और एक उर्दू दैनिक 'कश्मीर उज्मा' की 50,000 मुद्रित प्रतियां जब्त कर लीं तथा जी.के.सी. प्रिंटिंग प्रेस को बंद कर दिया।"