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शोषण का शिकार होती महिलाओं को जानने चाहिए ये अधिकार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jan 29, 2016 02:46 pm IST,  Updated : Jan 29, 2016 04:55 pm IST

नई दिल्ली: हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां पर आपको सतर्क रहने की बहुत जरूरत होती है। इस दुनिया में आपसे प्यार करने वाले ही आपकी जान ले सकते हैं। रोजाना हमें ऐसी

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rape victim

नई दिल्ली: हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां पर आपको सतर्क रहने की बहुत जरूरत होती है। इस दुनिया में आपसे प्यार करने वाले ही आपकी जान ले सकते हैं। रोजाना हमें ऐसी ही कुछ बातें अखबार, टीवी या अन्य खबरों के माध्यम से पता लगती है महिलाओं के खिलाफ रेप और हत्या की वारदातें लगातार बढ़ती ही जा रही है पिछले कुछ समय के अगर आंकड़ें देखे जाए तो इस तरह की वारदातों में इजाफा हुआ हैं। हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहां एक ओर तो महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है वहीं दूसरी ओर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है।

ऐसी भीषण घटनाओं पर नजर रखने के लिए सरकार ने महिलाओं के लिए कुछ ऐसे कानून बनाए है जो महिलाओं के प्रति इस तरह के अपराधों को रोकने में मदद कर सकते हैं। लेकिन अगर कानूनों को तोड़ा जाता है तो उसका कोई मतलब नहीं रह जाता। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिन्हें अपने मौलिक अधिकारों के बारे में पता नहीं होता है और वह अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए वकीलों का सहारा लेते हैं जो कि उनसे मोटी फीस लेते हैं। बहुत से लोग हैं जिन्हें अपने अधिकारों के बारे में पता है लेकिन हमारे आस-पास बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें अपने अधिकारों के बारे में कुछ नहीं पता होता है। तो, महिलाओं की मदद करने के लिए और उन्हें उनके मौलिक अधिकारों के प्रति सचेत करने के लिए आज हम आपको 10 ऐसे अधिकारों के बारे में बता रहे है जिनका पता हर महिला को होना चाहिए।

1. मुफ्त सहायता का अधिकार: अगर कोई महिला बिना किसी वकील के पुलिस स्टेशन जाती है इस केस में अगर पुलिस उसके साथ बुरा व्यवहार करें, उसकी बातों को नजर अंदाज करें या फिर उसे परेशान किया जाता है तो  हर महिला को इस बात का पता होना चाहिए कि उसे अधिकार है कि वह पुलिस से मुफ्त सहायता की मांग कर सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट के नियमानुसार जब भी कोई महिला अपने रेप की शिकायत लेकर पुलिस स्टेशन आती है तो सीनियर हाउस ऑफिसर को उसकी रिपोर्ट दिल्ली लीगल सर्विस अथॉरिटी को भेजनी आवश्यक होती हैं। उसके बाद पीड़ित महिला के लिए वकील को भेजा जाता है।

2. गोपनीयता का अधिकार: पीड़ित महिला के पास यह अधिकार है कि वह अपने बयान को  सबके सामने ना बोलकर गोपनीयता के साथ रिकॉर्ड करा सकती है। पीड़िता के पास यह भी अधिकार है कि वह किसी महिला पुलिसकर्मी के साथ बैठकर भी अपना बयान रिकॉर्ड कर सके। संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत पुलिसकर्मी सबके सामने महिला पर बयान देने का दबाव नहीं डाल सकता है।

अगली स्लाइड में पढ़ें महिलाओं को मिले हैं कौन-कौन से अधिकार

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