
rape victim
9. अगर डॉक्टर कहें कि रेप नहीं हुआ है तो भी महिला की ओर से दर्ज किया गया केस खारिज नहीं किया जा सकता है। धारा 164-A के तहत पीड़िता को रेप की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय तौर पर निरीक्षण किया जाता है और रिपोर्ट को देखने के बाद ही फैसला लिया जाता है। पीड़िता को अधिकार है कि वह डॉक्टर से अपनी मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी मांग सकती है। डॉक्टर को अधिकार नहीं है कि वह यह पूछे कि रेप कैसे हुआ और कहां हुआ।
10. यौन उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार: यह हर व्यक्ति का अधिकार है कि वह यौन उत्पीड़न के खिलाफ मामला दर्ज करवाएं। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निदेश के तहत यह जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति यौन उत्पीड़न के खिलाफ केस दर्ज कर सकता है।