1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. देश के सबसे लंबे पुल का मोदी ने किया उद्घाटन, दिया भूपेन हजारिका का नाम

देश के सबसे लंबे पुल का मोदी ने किया उद्घाटन, दिया भूपेन हजारिका का नाम

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 26, 2017 09:33 am IST,  Updated : May 26, 2017 01:19 pm IST

अभी तक ब्रह्मपुत्र को पार करने के लिए केवल दिन के समय नौका का ही उपयोग किया जाता था और बाढ़ के दौरान यह भी संभव नहीं होता था। शुक्रवार को इस पुल का उद्घाटन होने के बाद ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी भाग के लिए 247 संपर्क सुनिश्चित हो जाएगा।

Modi_Bridge- India TV Hindi
Modi_Bridge

नई दिल्ली: आज मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर 26 मई से लेकर 15 जून तक केंद्र सरकार ने देशभर के 900 शहरों में 'मोदीफेस्ट' मनाने का फैसला किया है। पीएम नरेंद्र मोदी खुद इसकी शुरुआत गुवाहटी में एक जनसभा को संबोधित कर करेंगे। इस अवसर पर पीएम मोदी ने देश के सबसे लंबे नदी पुल ढोला-सदिया का उद्घाटन किया। ये भी पढ़ें: चीन तक टैंक पहुंचाने वाला ब्रिज, साबित होगा गेमचेंजर!

यह पुल तीन लेन का है। 9.15 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी लोहित पर किया गया है। यह पुल असम के ढोला को अरुणाचल के सादिया से जोड़ेगा। इस पुल के बनने से असम के राष्ट्रीय राजमार्ग-37 में रूपाई और अरुणाचल प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग-52 में मेका/रोईंग के बीच 165 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। इन दो स्थानों के बीच यात्रा करने में वर्तमान में छह घंटे का समय लगता है, जो अब घटकर एक घंटा हो जाएगा।

अभी तक ब्रह्मपुत्र को पार करने के लिए केवल दिन के समय नौका का ही उपयोग किया जाता था और बाढ़ के दौरान यह भी संभव नहीं होता था। शुक्रवार को इस पुल का उद्घाटन होने के बाद ऊपरी असम और अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी भाग के लिए 247 संपर्क सुनिश्चित हो जाएगा। इससे प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल में 10 लाख रुपये तक की बचत होगी।

यह पुल ऊपरी असाम के ब्रह्मपुत्र और अरुणाचल प्रदेश के संपूर्ण आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा। साथ ही राज्य में चल रही कई पणबिजली परियोजनाओं को सुविधाजनक बनाने में मदद करेगा। ढोला-सदिया पुल परियोजना की कुल लंबाई दोनों तरफ की सड़कों को मिलाकर कुल 28.50 किलोमीटर है और पुल की लंबाई 9.15 किलोमीटर है। इस पुल का निर्माण बीओटी एन्यूटी द्वारा किया गया, जिसकी कुल लागत 2,056 करोड़ रुपये है। इस पुल का उद्देश्य असम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों को एक दूसरे के करीब लाना है।

ये भी पढ़ें: भारत में है दुनिया का दूसरा बरमूडा, ले चुका है कई जान...

आखिर भारत में इसे क्यों कहा जाता है ‘उड़ता ताबूत’?

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत