मुंबई: प्रीति राठी एसिड अटैक मामले में महिलाओं की विशेष अदालत ने दोषी अंकुर लाल पवार को फांसी की सजा सुनाई है। अंकुर ने 2013 में पेशे से नर्स प्रीति पर एसिड फेंका था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई थी।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि प्रीति पर किया गया हमला पूरी तरह से पूर्व नियोजित था इसलिए दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इससे पहले विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने भी कहा था इस मामले में फांसी की सजा मिलनी चाहिए। यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयर की कैटगरी में आता है। वहीं अंकुर के वकील की ओर से सजा में नरमी बरतने की अपील की गई कहा गया कि अंकुर का पूरा परिवार इसी पर आश्रित है।
इसपर विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने कहा कि आरोपी सजा पूरी करने के बाद जेल से बाहर आता है तो लड़कियां सुरक्षित नहीं रहा पाएंगी। पूरी जिरह सुनने के बाद विशेष जज एएस शिंदे ने आज अंकुर को फांसी की सजा का ऐलान किया।
क्या है मामला?
प्रीति राठी 2013 में मुंबई के रक्षा अस्पताल (आईएनएसएछ अश्विनी हॉस्पिटल) में नौकरी ज्वाइन करने के लिए मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर उतरी थी। प्लेटफॉर्म पर अचानक पीछे से आकर अंकुर पवार ने उसपर एसिड डाल दिया था। प्रीति करीब महीने भर तक जिंदगी और मौत से जूझती रही और 1 जून 2013 को दम तोड़ दिया।
पड़ोसी थे अंकुर और प्रीति
अंकुर पवार और प्रीति राठी दिल्ली के भाखड़ा बीज मैनेजमेंट कॉलोनी में रहते थे और दोनों एक-दूसरे के पड़ोसी थे। अंकुर के घरवाले हमेशा प्रीति की नौकरी लगने पर उसकी तारीफ करते थे जबकि अंकुर को पढ़ाई नहीं करने पर लताड़ते रहते थे। इसके बाद अंकुर ने पूरी प्लानिंग के साथ प्रीति से बदला लेने का प्लान बनाया।
हमले का प्लान
प्रीति जब मुंबई जा रही थी तब अंकुर भी गरीब रथ के दूसरे डिब्बे में एसिड लेकर सवार हो गया। मुंबई के बांद्रा स्टेशन पर पहुंचते ही वह प्रीति के चेहरे पर एसिड फेंककर भाग निकला। मुंबई पुलिस को इस पूरे मामले का खुलासा करने में काफी माथापच्ची करनी पड़ी।
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