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पश्चिम बंगाल का बदलेगा नाम, विधानसभा में प्रस्ताव पास

 Written By: PTI
 Published : Aug 29, 2016 04:51 pm IST,  Updated : Aug 29, 2016 05:37 pm IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य के नाम में बदलाव वाले प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब पश्चिम बंगाल की जगह बंगाली में इसे 'बांग्ला' कहा जाएगा जबकि अंग्रेजी में 'बेंगाल'(Bengal) पुकारा जाएगा। वहीं हिंदी में इसे बंगाल कहा जाएगा।

Mamta Banerjee- India TV Hindi
Mamta Banerjee

कोलाकाता :  पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य के नाम में बदलाव वाले प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब पश्चिम बंगाल की जगह बंगाली में इसे 'बांग्ला' कहा जाएगा जबकि अंग्रेजी में 'बेंगाल'(Bengal) पुकारा जाएगा। वहीं हिंदी में इसे बंगाल कहा जाएगा। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, लेफ्ट और बीजेपी ने सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध किया। 

2 अगस्त को कैबिनेट ने किया था पास

2 अगस्त 2016 को ही राज्य कैबिनेट ने नाम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया था,  जिसके बाद इसे सोमवार को विधानसभा में रखा गया। राज्य संसदीय कार्यमंत्री पार्था चटर्जी ने इस प्रस्ताव को रूल 169 के तहत सदन में रखा। 

सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का बोध
​राज्य के नाम में बदलाव के प्रस्ताव पर सदन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल नाम से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का बोध होता है। नए नाम से पड़ोसी देश बांग्लादेश के नाम से भी किसी तरह का कन्फ्यूजन नहीं होगा। ममता बनर्जी ने कहा कि 2011 में राज्य सरकार ने नाम में बदलाव के प्रस्ताव को पास कर केंद्र सरकार के पास भेजा था लेकिन केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को वापस भेजा दिया। उन्होंने कहा कि एकबार फिर राज्य सरकार नाम बदलने के इस प्रस्ताव को विधानसभा से पास कराने के बाद केंद्र को भेज रही है।

विरोध करने वाले ऐतिहासिक गलती कर रहे हैं-ममता
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर अमल करेगी और राज्य के नाम में बदलाव को मंजूरी दे देगी। उन्होंने कहा कि जो लोग केवल राजनीति के लिए इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं वे लोग एतिहासिक गलती कर रहे हैं और इतिहास उनकी इस गलती को कभी माफ नहीं करेगा।

सभी की सहमति से हो फैसला-विपक्ष
विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि सरकार को नाम में बदलाव से पहले जनमत संग्रह करना चाहिए या फिर नए नाम पर विचार के लिए एक आयोग का गठन किया जाना चाहिए। वहीं विधानसभा में लेफ्ट फ्रंट के नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि हिंदी, अंग्रेजी और बांग्ला में तीन अलग-अलग उच्चारण से कंफ्यूजन पैदा होगा। सरकार को इस विषय पर विचार-विमर्श के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। 

कुछ इस तरह बदले राज्यों के नाम

पंजाब- मौजूदा पंजाब राज्य का पुराना नाम पूर्वी पंजाब था। इस राज्य के अंतर्गत हिमाचल और हरियाणा भी आते थे। 26 जनवरी 1950 में पूर्वी पंजाब का नाम बदलकर पंजाब किया गया।

उत्तर प्रदेश- उत्तर प्रदेश को पहले यूनाइटेज प्रोविंसेज के नाम से जाना जाता था। 26 जनवरी 1950 को इसे नया नाम उत्तर प्रदेश दिया गया।

आंध्र प्रदेश- आंध्र प्रदेश का पुराना नाम हैदराबाद था। 1 नवंबर 1956 को इसे बदलकर आंध्र प्रदेश का नाम दिया गया। 2014 में आंध्र प्रदेश विभाजित हो गया। एक नए राज्य तेलंगाना का उदय हुआ। हैदराबाद को तेलंगाना में शामिल कर लिया गया।

केरल- मौजूदा राज्य केरल को पहले त्रावणकोर-कोचिन के नाम से जाना जाता था। 1 नवंबर 1956 को त्रावणकोर-कोचिन का नाम बदलकर केरल कर दिया गया।

मध्य प्रदेश-मध्य प्रदेश को 1 नवंबर 1959 से पहले मध्य भारत के नाम से पुकारा जाता था। 1 नवंबर 1959 को इसका नाम बदलकर मध्यप्रदेश कर दिया गया।

कर्नाटक- कर्नाटक का पुराना नाम मैसूर था। 1 नवंबर 1973 को इसका नाम कर्नाटक रखा गया।
उत्तराखंड- उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद नए राज्य का नाम उत्तरांचल रखा गया था। 1 जनवरी 2007 से उत्तरांचल का नाम बदलकर उत्तराखंड किया गया।

ओडिशा- ओडिशा का पुराना नाम उडिसा था। नवंबर 2011 से इस राज्य का नाम बदलकर ओडिशा कर दिया गया।

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