नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल और सीबीआई ने एक संयुक्त अभियान के तहत व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल रमेश शिवहरे को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया जो पिछले तीन साल से फरार था। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने फोन पर कहा, हमने बुधवार सुबह शिवहरे को गिरफ्तार किया। व्यापमं घोटाले से जुड़े कई मामलों में सीबीआई को उसकी तलाश थी।
सीबीआई सूत्रों ने यहां बताया कि सीबीआई ने व्यापमं नाम से जाने जाने वाले मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल के काम-काज में कथित अनियमितताओं से संबंध में पांच मामलों की जांच की थी जिनमें शिवहरे वांछित था। उन्होंने बताया कि शिवहरे पिछले तीन साल से फरार था और उसे पकड़ने में मदद करने वालों को 10,000 रुपए का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई थी।
उत्तर प्रदेश के निवासी शिवहरे की पत्नी महोबा में स्थानीय निकाय की एक सदस्य थी। उन्होंने बताया कि शिवहरे इस घोटाले में अहम भूमिका निभाने वालों में से एक था और उसे यूपीएसटीएफ और सीबीआई ने एक संयुक्त अभियान के तहत कानपुर के कल्याणपुर इलाके की आवास विकास कॉलोनी से गिरफ्तार किया। शिवहरे ने कथित रूप से बिचौलिए के रूप में काम किया और एक निश्चित राशि दिए जाने पर व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षा में असल उम्मीदवार की जगह पेश होने वाले फर्जी उम्मीदवारों का प्रबंध किया।
उत्तर प्रदेश का निवासी शिवहरे मामले की जांच कर रहे अधिकारियों की पूछताछ का सामना करने से बच रहा है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2014 में उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायाधीश ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने कहा था, ऐसी सामग्री है जो अपराध शुरू करने में याचिकाकर्ता की संलिप्तता की ओर इशारा करती है, इसकी कारण जांच अधिकारी पिछले कुछ समय से याचिकाकर्ता की पेशी पर जोर दे रहे हैं लेकिन सभी कोशिश बेकार रहीं।