1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. चीन ने ब्रह्मपुत्र के जलविज्ञान आंकड़े साझा करने की शुरुआत की

चीन ने ब्रह्मपुत्र के जलविज्ञान आंकड़े साझा करने की शुरुआत की

 Reported By: Bhasha
 Published : May 20, 2019 09:57 pm IST,  Updated : May 20, 2019 09:57 pm IST

डोकलाम विवाद के बाद 2017 में चीन ने ब्रह्मपुत्र के लिये जलविज्ञान आंकड़े साझा करना बंद कर दिया था। उसने दावा किया था कि बाढ़ के कारण जलविज्ञान आंकड़े जुटाने वाले केंद्र बह गये हैं। ब्रह्मपुत्र के लिये 15 मई से और सतलज के लिये एक जून से आंकड़े साझा किये जाते हैं। 

river- India TV Hindi
प्रतिकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली। चीन ने इस मानसून सत्र के लिए ब्रह्मपुत्र नदी के जलविज्ञान संबंधी आंकड़े भारत के साथ साझा करना शुरू कर दिया है। जल संसाधन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि सतलुज नदी के लिये भी चीन द्वारा एक जून से आंकड़े साझा करने की शुरुआत का अनुमान है। देश में एक जून से ही मानसून शुरू हो रहा है।

ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से निकलती है और भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम से गुजरती हुई बांग्लादेश के जरिये बंगाल की खाड़ी तक जाती है। सतलुज नदी भी तिब्बत से निकलती है और यह सिंधु की सहायक नदी है। यह भारत से गुजरने के बाद पाकिस्तान चली जाती है। चीन ब्रह्मपुत्र नदी की मुख्यधारा पर स्थित तीन जलविज्ञान स्टेशनों नुगेशा, यांगकुन और नुशिआ के आंकड़े मुहैया कराता है। ब्रह्मपुत्र नदी को यारलुंग जांगबो नाम से भी जाना जाता है। 

सतलुज को चीन में लांगकेन जांगबो नाम से जाना जाता है। इसके लिये त्सादा जलविज्ञान केंद्र से आंकड़े मुहैया कराये जाते हैं। बारिश के कारण नदी में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ नियंत्रण के लिये जलविज्ञान आंकड़ों की जरूरत होती है।

उल्लेखनीय है कि डोकलाम विवाद के बाद 2017 में चीन ने ब्रह्मपुत्र के लिये जलविज्ञान आंकड़े साझा करना बंद कर दिया था। उसने दावा किया था कि बाढ़ के कारण जलविज्ञान आंकड़े जुटाने वाले केंद्र बह गये हैं। ब्रह्मपुत्र के लिये 15 मई से और सतलुज के लिये एक जून से आंकड़े साझा किये जाते हैं। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत