1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. असम: CAB के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दो लोगों की गोली लगने से मौत

असम: CAB के विरोध में प्रदर्शन कर रहे दो लोगों की गोली लगने से मौत

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 12, 2019 07:59 pm IST,  Updated : Dec 12, 2019 08:08 pm IST

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, CAB 2019 के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे दो लोगों की गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में बुलेट इंजरी की वजह से मौत हो गई।

CAB- India TV Hindi
Police fire teargas shells to disperse protesters during their clashes as they march against the Citizenship (Amendment) Bill, 2019, in Guwahati, Image Source : PTI

गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में घायल हुए दो लोगों की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक व्यक्ति को ‘‘मृत लाया गया’’ था जबकि एक अन्य की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारी हालांकि मृत लोगों के नाम नहीं बता सके। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान नहीं हो सकी है। नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम में हजारों की संख्या में लोग कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर उतर आये। प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़पें भी हुई। 

इसके अलावा उत्तर पूर्व के राज्य मेघालय में मोबाइल इंटरनेट और संदेश भेजने की सेवा को 48 घंटे के लिए बंद किया गया है। इसकी जानकारी राज्य के गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी  ने दी।

हजारों लोगों ने किया कर्फ्यू का उल्लंघन                 भाषा

असम में विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज होने के बीच हजारों की संख्या में लोगों ने बृहस्पतिवार को गुवाहाटी में कर्फ्यू का उल्लंघन किया और सड़कों पर उतरे। सेना की टुकड़ियां शहर में फ्लैग मार्च कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई।

पुलिस को लालुंग गांव में प्रदर्शनकारियों पर गोलियां भी चलानी पड़ीं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने उनपर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस घटना में चार लोग घायल हो गए। हालांकि इस घटना के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। गुवाहाटी एक छावनी में तब्दील हो गया है क्योंकि यहां प्रत्येक नुक्कड़ और चौराहे पर सेना, अर्द्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के जवान तैनात हैं।

पीएम मोदी ने की शांति बनाए रखने की अपील       भाषा

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। असमिया और अंग्रेजी भाषा में किये कई ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से और केंद्र सरकार ‘‘धारा छह की भावना के अनुसार लोगों को राजनीतिक, भाषाई, सांस्‍कृतिक और भूमि अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’’

असम समझौते की धारा छह स्थानीय अधिकारों, भाषा और संस्कृति की सुरक्षा की गारंटी देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ‘‘मैं असम के अपने भाइयों और बहनों को आश्वासन देना चाहता हूं कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ कोई उनके अधिकारों, विशिष्ट पहचान और खूबसूरत संस्कृति को छीन नहीं सकता।’’

असम के 10 जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक         भाषा

असम के दस जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर लगाई गई रोक की अवधि को बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे से 48 घंटे के लिए और बढ़ा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया का ‘‘दुरुपयोग’’ रोकने और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के वास्ते इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई थी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत