जम्मू: कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई ने मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज की किताब के अध्ययन के लिये तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। किताब अपने कुछ अंशों की वजह से विवादों में घिरी है। किताब ‘‘ कश्मीर : ग्लिंप्स ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल ’’ के विमोचन से पहले सोज ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की उस राय का समर्थन कर विवाद खड़ा कर दिया था कि अगर मौका मिला तो कश्मीरी स्वतंत्रता का विकल्प चुनेंगे।
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बताया जा रहा है कि उनकी किताब में भी ऐसा ही नजरिया अपनाया गया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि जम्मू और कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष जी ए मीर ने सोज द्वारा लिखी किताब का अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि समिति में वरिष्ठ पार्टी नेता अमृत मलहोत्रा , एस गुरमुख सिंह और जी एन मीर लासजान होंगे। शर्मा ने कहा कि मलहोत्रा की अध्यक्षता वाली यह समिति यथा संभव कम से कम समय में किताब पर अपने नजरिये से पार्टी को अवगत कराएगी। जी ए मीर ने रविवार को कहा कि समिति सोज से मुलाकात कर यह सुनिश्चित करेगी कि क्या किताब में व्यक्त राय उनकी है या उन्होंने इसे पार्टी का बताया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी कोई भी बात स्वीकार नहीं करेगी जो पार्टी लाइन से इतर हो। दिल्ली में कल अपनी किताब के विमोचन के मौके पर सोज ने बार बार यह कहा कि यह उनकी किताब है और इसके लिये पार्टी जिम्मेदार नहीं है। सोज के विवादिन बयान के बाद कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी भाजपा के निशाने पर आ गई थीं। कांग्रेस ने सोज की टिप्पणी से दूरी बनाते हुऐ इसे किताब के प्रमोशन के लिये अपनाया गया ‘‘ सस्ता हथकंडा ’’ करार दिया था।