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कोरोना वायरस: अटारी-वाघा बॉर्डर पर होने वाला रिट्रीट कार्यक्रम लोगों की मौजूदगी के बगैर आयोजित होगा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 06, 2020 06:01 pm IST,  Updated : Mar 06, 2020 06:28 pm IST

कोरोना वायरस के कारण पंजाब में अटारी-वाघा सीमा पर रोजाना होने वाला रिट्रीट कार्यक्रम लोगों की मौजूदगी के बगैर आयोजित होगा। बीएसएफ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।

Coronavirus: Retreat event at Attari-Wagah border to be conducted without spectator, says BSF- India TV Hindi
Coronavirus: Retreat event at Attari-Wagah border to be conducted without spectator, says BSF

कोरोना वायरस के कारण पंजाब में अटारी- वाघा सीमा पर रोजाना होने वाला रिट्रीट कार्यक्रम लोगों की मौजूदगी के बगैर आयोजित होगा। बीएसएफ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। कोरोना वायरस प्रकोप के चलते केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने आने वाले हफ्ते में देशभर में आयोजित होने वाली अपनी वार्षिक परेड और इससे संबंधित समारोहों को स्थगित कर दिया है। ऐसे ही एक अन्य फैसले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने भी आठ मार्च को महिला दिवस के मौके पर इंडिया गेट पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है।

बल के गठन के 51वें स्थापना दिवस को मनाने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सीआईएसएफ कैंप में 13 मार्च को वार्षिक परेड व अन्य कार्यक्रम मनाए जाने थे। इसमें हजारों जवान और उनके परिजन हिस्सा लेने वाले थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''गाजियाबाद में होने वाली सीआईएसएफ दिवस की परेड और देशभर में होने वाले संबंधित कार्यक्रमों को कोरोना वायरस प्रकोप के चलते स्थगित कर दिया गया है।''

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि कई देश कोरोना वायरस के संकट को अब भी अधिक गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि पूरे यूरोप और अमेरिका में इस बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है, जहां चिकित्साकर्मियों ने अस्पताल की तैयारियों में भारी कमी को लेकर चिंता जाहिर की है। अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर जारी आशंकाओं के बीच वैश्विक बाजारों में फिर से गिरावट दर्ज की गई है। कई देश इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए और अधिक कठोर कदम उठा रहे हैं। कोविड-19 की वजह से अब तक दुनियाभर में 3,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 85 देशों में करीब 100000 लोग संक्रमित हैं। 

इस महामारी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन, खेल कार्यक्रमों और शिक्षण संस्थानों पर कहर बरपाया है। दुनिया भर में लगभग 30 करोड़ छात्रों को अपने घर भेज दिया गया है। इसके अधिकांश मामले अभी भी चीन से सामने आ रहे हैं, जहां यह कोरोना वायरस पिछले साल के अंत में उभरा था, लेकिन संक्रमण अब विदेशों में तेजी से फैल रहा है। दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली इसके गंभीर चपेट में हैं।

डब्ल्यूएचओ ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि कई देश अब भी राजनीतिक स्तर की प्रतिबद्धता नहीं दिखा रहे हैं जिसकी इस खतरे के गंभीर स्तर से निपटने के लिए बेहद जरुरत है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि ‘‘यह एक ड्रिल नहीं है। यह महामारी हर देश के लिए खतरा है, चाहे वह अमीर हो या गरीब।’’ टेड्रोस ने हरेक देश की सरकारों के प्रमुखों से इसे केवल स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहारे छोड़ देने के बजाय इसे लेकर कदम उठाने की जिम्मेदारी लेने और सभी क्षेत्रों में समन्वय करने की अपील की है।

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