नई दिल्ली: सीबीआई की विशेष अदालत ने कोयला घोटाला मामले में सोमवार को पहली सजा सुनाई। अदालत ने झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों को आपराधिक साजिश रचने और कोयला ब्लॉक पाने के लिए धोखाधड़ी करने का दोषी मानते हुए दोनों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत के न्यायाधीश भरत पाराशर ने जेआईपीएल के निदेशकों आर.सी. रूंगटा और आर.एस. रूंगटा को चार-चार साल जेल और 5 लाख जुर्माना की सजा सुनाई।
अदालत ने झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने पिछले हफ्ते कंपनी के निदेशकों आर.सी. रूंगटा और आर.एस. रूंगटा को भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का दोषी करार दिया था। अदालत ने तजबीज किया कि इन लोगों ने जेआईपीएल को झारखंड स्थित उत्तरी धादू कोयला बलॉक का आवंटन दिलाने में सरकार को धोखा दिया।
अदालत में जब सजा सुनाई जा रही थी तो दोनों रूंगटा भी उपस्थित थे। ये दोनों निदेशक पहले से ही हिरासत में हैं। इस मामले के अलावा कोयला खंड आवंटन घोटाला के 19 अन्य मामलों की भी जांच सीबीआई ने की है जो विशेष अदालत में लंबित हैं।
कोयला घोटला से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशलय ने भी की है। ये मामले भी विशेष अदालत में लंबित हैं।