शिलॉन्ग: कांग्रेस के एक विधायक ने मेघालय विधानसभा को बुधवार को बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित कुछ गांवों की जमीन में से कच्चा तेल निकल रहा है। विधायक हिमा शांगपलिआंग ने सरकार से मामले की जांच कराने का आग्रह किया। विधानसभा में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के नियमन पर आम चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक हिमा शांगपलिआंग ने कहा, ‘लोगों ने बताया है कि (उनके निर्वाचन क्षेत्र) मौसिनराम के कुछ गांवों में जमीन में से कच्चा तेल निकल रहा है।’ विधायक ने सरकार से मामले की जांच कराने और लोगों के दावे की सच्चाई का पता लगाने का अनुरोध किया।
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‘ग्रामीणों ने बाल्टियों में इकट्ठा किया तेल’
विधायक ने साथ में यह भी आग्रह किया कि सरकार देखे कि क्या मेघालय देश में तेल उत्पादक राज्यों की फहरिस्त में शामिल हो सकता है या नहीं। अपने जवाब में कपड़ा मंत्री जेम्स पीके संगमा ने कहा, ‘यह केंद्र सरकार का मामला है। खोज केंद्र सरकार करती है। हम तथ्य का सत्यापन करने के बाद (केंद्र सरकार को) सूचित कर देंगे।’ बाद में शांगपलिआंग ने कहा कि उमलिंटर और वेईसोहपिआंग इलाकों के लोग दावा कर रहे हैं कि जमीन से कच्चा तेल निकल रहा है। उन्होंने कहा, ‘कुछ ग्रामीणों ने तेल को बाल्टियों में इकट्ठा कर लिया है और उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।’
केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है विपक्ष
इस बीच डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर विपक्ष ने लोकसभा में बुधवार को लगातार तीसरे दिन सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा। विपक्ष मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने और एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई दरों को कम करने की नीतियों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध कर रहा है। सोमवार से बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से सदन को व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है।