नई दिल्ली: मोदी सरकार की नजर अब उन बैंक अकाउंट्स पर है जिनमें नोटबंदी के बाद बड़ी मात्रा में पैसा डिपॉजिट कराया गया। सरकार के टारगेट में ऐसे 60 लाख अकाउंट हैं जिनमें सात लाख करोड़ रुपये जमा कराए गए। ये खाते व्यक्तिगत या फर्म्स के हैं जिसमें से करीब तीन से चार लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत खातों में जमा हुए हैं।
(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)
पुरानी करेंसी का ज्यादातर हिस्सा बैंकिंग सिस्टम में पहुंचा
रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के बाद पुरानी करेंसी का ज्यादातर हिस्सा बैंकिंग सिस्टम में पहुंच गया है। कई काले धन वालों ने भी नियमों का फायदा उठाकर अपना पैसा बैंकों में जमा करा दिया। लेकिन सरकार के टॉप ऑफिशियल्स के मुताबिक सरकार की नजर हर पैसे पर है और सिर्फ बैंक में पैसा जमा करा देने से काला धन सफेद नहीं होने दिया जाएगा।
4 हजार 172 करोड़ रुपये की अघोषित आय
नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स की कार्रवाई में अब तक 4 हजार 172 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है। इनकम टैक्स को 458 करोड़ रुपए का कैश मिला है इसमें से 105 करोड़ रुपये नई करेंसी में हैं। इनकम टैक्स की रेड में 91 करोड़ रुपये कीमत की ज्वेलरी भी बरामद की गई है। ब्लैकमनी को लेकर 254 मामले जांच के लिए ED को भेजे गए। 223 मामले सीबीआई को जांच के लिए दिए गए हैं। आठ नवंबर के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुल 497 सर्वे किए। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कुल 241 सर्च ऑपरेशन किए और 245 ठिकानों से पैसा जब्त किया गया।
इन्हें भी पढ़ें:-
जयललिता की मौत पर मद्रास HC ने जताया संदेह, कहा- जांच के लिए क्यों नहीं बाहर निकाला जाए शव
नोटबंदी: ED ने दिल्ली के वकील रोहित टंडन को किया गिरफ्तार