
सोमवार को मुंह पर मास्क लगाकर पवन और सोनू राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन के कंट्रोल रूम में दाखिल हुए। पवन राजेंद्र प्लेस स्टेशन से पूरी तरह वाकिफ था। दोनों मेट्रो कर्मचारियों की तरह अंदर दाखिल हुए। सीआईएसएफ के जवानों को भी इन पर शक नहीं हुआ और फिर ये दोनों सीधे कंट्रोल रूम में घुसे और कंट्रोलर कुणाल किशोर को घायल कर बारह लाख लूट कर भाग फरार हो गए।
गर्लफ्रेंड से मिला सुराग
दिल्ली मेट्रो को सबसे सुरक्षित माना जाता है लेकिन दिनदहाड़े हुई इस वारदात से हड़कंम मचा था। जांच में जुटी पुलिस को शुरू से ही शक था कि इसके पीछे मेट्रो के किसी कर्मचारी का हाथ हो सकता है इसीलिए मेट्रो के कर्मचारियों से पूछताछ हो रही थी। जिस मेट्रो कार्ड से ये दोनों लुटेरे मेट्रो में दाखिल हुए थे ये कार्ड सोनू ने वारदात से 36 घंटे पहले कौशांबी स्टेशन से चार्ज कराए गए थे वहां के सीसीटीवी को खंगाला गया तो सोनू के साथ पवन दिखा। पवन को फौरन मेट्रो के कर्मचारियों ने पहचान लिया और फिर पवन की गर्लफ्रेंड से भी पुलिस को पवन के बारे में सुराग मिला जिसके बाद पुलिस ने इसे गाज़ियाबाद से खोज निकाला। इस वारदात के बाद मेट्रो में सुरक्षा इंतजाम सख्त कर दिए गए हैं। अब चेहरा ढंककर किसी को भी मेट्रो स्टेशन में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी।