ग्रेटर नोएडा में पांच लोगों की हत्या का केस पुलिस ने सुलझा लिया है। घर की बेटी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। बदायूं के पीर बाबा के मजार पर जियारत के दौरान आरोपी प्रीति ने पानी में नींद की गोलियां मिला दी थी और प्रेमी की मदद से सभी को कार में बिठाकर गंगनगहर में धकेल दिया था। प्रेमी जोड़े को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
ग़ौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा के नवादा मे रहने वाले राजे का परिवार 25 अगस्त को अपने परिवार 7 सदस्यो के साथ बदांयु में बड़े सरकार पीर बाबा की मज़ार पर ज़ियारत करने के लिए निकला था लेकिन वापसी मे उनकी कार बुलंदशहर की गंगनगर में गिर गई जिसमे 5 लोगो की मौत हो गई थी। 4 लाशे मिल गई लेकिन 1 लाश नही मिली। लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरु की तो पता चला ये हादसा नहीं हत्या थी। राजे की बेटी प्रीती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने परिवार के 5 लोगो को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस के अनुसार कार में कुल 9 लोग थे। मज़ार पहुंचने पर प्रीती ने सबको पानी मे नींद की 30 गोलीया मिला कर पिला दिया। प्रीती के तीन रिश्तेदार नही रुके गए। प्रीति ने अपने प्रेमी को वही पर बुला लिया। प्रेमी सोनू कार लेकर वहा से निकला और बुलंदशहर की गंगनहर मे कार को धकेल दिया। 4 लाशे बरामद करी जा चुकी है जबकी ओम पाल नाम के कार ड्राईवर की लाश अभी तक नही मिली है।
भूतप्रेत का ढोंग रचती थी
प्रीति ढोंग रचती थी की उसको भूतप्रेत आते है।परिजनों ने छौलस गांव के तांत्रिक सलीम से संपर्क किया। सलीम ने बदायूं में दरगाह पर जियारत की सलाह दी। परिवार के लोग तांत्रिक के साथ प्रीति को लेकर बदायूं दरगाह ले जाने लगे। प्रीति दरगाह पर पहुंचकर सोनू से मिलती थी। वह उसे फोन करके दरगाह पर जाने की जानकारी पहले ही बता देती थी।
हर बार की तरह 25 अगस्त को भी राजे सिंह उनकी पत्नी धर्मवती, बेटा ललित, पुत्र वधू शीतल, बेटी प्रीति, साला राजेंद्र, सलहज प्रीति, तांत्रिक सलीम के साथ ओमपाल की ईको कार में सवार होकर दरगाह पर गए थे। एसपी देहात अभिषेक यादव ने बताया कि शाम को ये सभी लोग दरगाह के समीप एक ढाबे पर रुके थे। इसी बीच राजे सिंह की बेटी प्रीति एक कोल्ड्र ड्रिंक खरीद कर लाई। उसमें नशे की 30 गोलियां डाल दीं। कोल्ड ड्रिंक पीते ही सबको नशा होने लगा। प्रीति ने ललित और शीतल को दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए भेज दिया। वह वहां जाकर बेहोश हो गए। प्रीति का मामा राजेंद्र उन्हें देखने पहुंचा तो वह भी वहां लेट गए। जबकि, प्रीति के पिता राजे सिंह, मां धर्मवती, मामी प्रीति, तांत्रिक सलीम और ड्राइवर सभी ढाबे पर ही बेहोश हो गए।
इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी कि मजार पर कुछ लोग बेहोश पड़े हैं। बदायूं पुलिस मौके पर पहुंची तो तो प्रीति ने कहा, यह उनके परिवार के लोग हैं। यहां ऐसा होता रहता है। हम सब संभाल लेंगे। जिसके बाद पुलिस वापस लौट गई। प्रीति ने तुरंत प्रेमी शानू को बुलाया और बेहोश राजे सिंह, धर्मवती, तांत्रिक सलीम और ड्राइवर को गाड़ी में डालकर भाग निकले। जबकि ललित, शीतल और राजेंद्र को वहीं छोड़ दिया। कार शानू चला रहा था।
सुबह करीब 04 बजे नरौरा पहुंचकर प्रीति और शानू कार से नीचे उतरे और दोनों ने कार को धक्का देकर गंग नहर में धकेल दिया। पुलिस ने 26 अगस्त को गंग नहर से राजे सिंह, धर्मवती और प्रीति का शव बरामद किया था। जबकि तांत्रिक सलीम का शव दो दिन बाद मिला था। लेकिन ओमपाल का शव पुलिस अभी बरामद नहीं कर सकी है।
इस सामुहिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद प्रीति और सोनू मेरठ मे एक होटल मे जाकर कुछ दिन रहे। उसके बाद ये लोग शादी करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुच गए और एप्लाई भी कर दिया लेकिन पुलिस ने बुलंदशहर वापसी आते वक्त इन दोनो को गिरफ्तार कर लिया।
चार साल से चल रहा था इश्क़
चार साल पहले प्रीति की मुलाकात शान से घर के बाहर हुई थी। दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। दोनों की बीच प्यार इतना परवाना चढ़ गया कि एक साथ जीने-मरने का फैसला कर लिया। दोनों की फोन की कॉल डिटेल से पता चला है कि रात-रात भर दोनों फोन पर बात करते थे। दिन में 8-10 घंटे बात होती थी।
मां-बाप की हत्या का प्रीति को जरा भी अफसोस नहीं है। उसने अगले दिन अखबार और टीवी चैनलों पर माता-पिता के शव नहर में मिलने की खबर देखी थी। लेकिन उसके बावजूद उसने मेंहदी रचाई और हथेली पर प्रेमी के नाम का पहला अक्षर लिखा। दोनों ने शादी के लिए सभी तैयारी पूरी कर रखी थी। लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके।