नई दिल्ली: विवादास्पद अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में फैसला सुनाने वाले इटली के जज ने कहा कि एंग्लो-इटली के हेलिकॉप्टर फर्म के पक्ष में सौदा कराने के एवज में कथित रिश्वतखोरी को लेकर किसी भारतीय नेता के संबंध में ‘कोई प्रत्यक्ष सबूत’ नहीं है। इटली के बिचौलियों और हेलिकॉप्टर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ फैसला सुनाने वाले जज मार्को मारिया मैगा ने टीवी चैनलों से कहा, ‘‘एक संभावना है लेकिन कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।’’
मिलान अदालत के जज मैगा ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या वह मानते हैं कि इटली के बिचौलियों ने भारतीय नेताओं को रिश्वत की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि उनका फैसला सिर्फ हेलीकॉप्टर कंपनी के अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ था। जज मार्को मारिया ने कहा कि हश्के के हाथों लिखे गए दस्तावेज एकदम प्रमाणिक हैं। इन दस्तावेजों में वायुसेना के अधिकारी, ब्यूरोक्रैट और राजेताओं के नाम हैं।
जज ने कहा कि भारत में अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों को लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अन्य लोगों को रिश्वत दी गई हो सकती हैं लेकिन ‘‘हमारे पास कोई सबूत’’ नहीं है। गुइदो हाश्के, कालरे गेरोसा और क्रिश्टियन माइकल ने अदालत में आरोप लगाया है कि धन शशि त्यागी (तत्कालीन वायु सेना प्रमुख) के साथ त्यागी परिवार को दिया गया। त्यागी ने कथित रिश्वतखोरी में अपनी संलिप्तता से इंकार किया है।
भारत सरकार से मिले सहयोग के बारे में पूछे जाने पर जज ने कहा, ‘‘हमारे पास सीएजी की रिपोर्ट की एक प्रति, अनुरोध पत्र की प्रति, समझौते की प्रति थी। इसके अलावा कुछ नहीं था।’’ उन्होंने कहा था कि भारतीय पक्ष की तरफ से मामले में तथ्यों के स्पष्टीकरण में ठोस तौर पर दिलचस्पी नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उसी का संज्ञान ले सकते हैं, जो हमारे पास भेजा गया।’’ मामले में अभियोजक द्वारा अहस्ताक्षरित नोट का हवाला दिए जाने पर जज ने कहा कि उनमें से एक आरोपी ने कहा कि उसे याद नहीं है जबकि दूसरे आरोपी ने आरोप लगाया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनैतिक सलाहकार अहमद पटेल थे।
पटेल ने आज सौदे में किसी संलिप्तता से इंकार किया और कहा कि अगर उनके खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं तो वह सार्वजनिक जीवन छोड़ देंगे और राज्यसभा से इस्तीफा दे देंगे।